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World Polio Day 2019: 5 साल पहले पोलियो मुक्त हुआ भारत, जानिए किसने बनाया इस बीमारी का वैक्सीन

Thu, 24 Oct 2019 01:13 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Thu, 24 Oct 2019 01:13 PM IST
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World Polio Day 2019 Symptoms, Causes, Prevention and Treatment
पोलियो - फोटो : अमर उजाला

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पांच साल पहले भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया है। इस बीमारी के खिलाफ अभी भी भारत में राष्ट्रीय टिकाकरण अभियान जारी है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है जिसका बचाव सिर्फ टिकाकरण ही है। इसी वजह से सरकार पोलियो ड्रॉप के प्रति जागरुकता अभियान चलाती है। मार्च 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था।


 

World Polio Day 2019 Symptoms, Causes, Prevention and Treatment
पोलियो - फोटो : pixabay
पोलियो एक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी पोलियो वायरस की वजह से होती है। पोलियो वायरस से पीड़ित बच्चों की आंते प्रभावित होती हैं क्योंकि यह वायरस आंतों में ही होता है। छोटे बच्चे जब मल करते हैं तो यह वायरस बाहर निकलता है और दूसरे बच्चों तक इसके फैलने की संभावना रहती है। हालांकि साल 2011 के बाद भारत में एक भी पोलियो का मरीज नहीं देखा गया जिसकी वजह से तीन साल बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया।
 
World Polio Day 2019 Symptoms, Causes, Prevention and Treatment
पोलियो - फोटो : pixabay
हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है जिसका मकसद पोलियो के प्रति जागरुकता फैलाना है। रोट्ररी इंटरनेशनल जोनास साल्क की स्मृति में इस दिवस को मनाता है। जोनास साल्क ही वो व्यक्ति थे जिन्होंने पोलियो की वैक्सीन बनाने वाली टीम का नेतृत्व किया था।
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World Polio Day 2019 Symptoms, Causes, Prevention and Treatment
पोलियो
साल 1988 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ग्लोबल पोलियो इरैडिकेशन इनिशिएटिव शुरू किया। इसका मकसद पोलियो का उन्मूलन था। साल 1952 में जोनास साल्क ने ही पोलियो का टिकाकरण बनाया था।
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World Polio Day 2019 Symptoms, Causes, Prevention and Treatment
डीएम ने पिलाई पोलियो खुराक - फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
हालांकि इससे पहले साल 1950 में अल्बर्ट साबिन ऑरल पोलियो वैक्सीन विकसित कर चुके थे। साल 2013 में ही विश्व से करीब 99 फीसदी पोलियो को जड़ से उखाड़ फेक दिया गया था। पोलियो का वायरस किसी भी उम्र में व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा पांस साल तक के बच्चों को रहता है। जहां भारत पोलियो मुक्त हो चुका है वहीं पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस बीमारी का प्रकोप अभी भी जारी है।
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