सांस की समस्याएं गंभीर जोखिमकारक मानी जाती हैं, निमोनिया जैसी बीमारियों के कारण खतरा और भी अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को श्वसन स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने की सलाह देते हैं। ध्यान रहे, निमोनिया बहुत गंभीर हो सकती है और मृत्यु का कारण भी बन सकती है। निमोनिया से होने वाली जटिलताओं में श्वसन विफलता, सेप्सिस और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण शामिल है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों और अन्य चिकित्सा समस्याओं के शिकार लोगों में निमोनिया और इसके लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
World Pneumonia Day: जानलेवा हो सकती है निमोनिया, ऐसी आदतें हैं तो आप भी हो जाइए सावधान
हर साल हो जाती हैं लाखों मौतें
आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2019 में निमोनिया से 2.5 मिलियन लोगों की मृत्यु हो गई। सभी पीड़ितों में से लगभग एक तिहाई 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे, यह 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण है। बुजुर्गों में भी ये रोग गंभीर जटिलताओं वाली हो सकती है।
डॉक्टर कहते हैं, अगर दिनचर्या में सुधार कर लिया जाए तो निमोनिया के जोखिमों को काफी कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन सी आदतें इस रोग का कारण बन सकती हैं, जिनसे दूरी बनाना बहुत जरूरी है?
धूम्रपान करने वालों में जोखिम
धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में निमोनिया विकसित होने की अधिक आशंका होती है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान करने वालों में लीजियोनेला निमोनिया का जोखिम 3.75 गुना अधिक हो सकता है। सिगरेट का धुंआ आपके फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है जिसके कारण सांसों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। निमोनिया से बचाव के लिए धूम्रपान से दूरी बना लेना बहुत जरूरी है।
हाथों की साफ-सफाई न रखना
वैसे तो निमोनिया रोग वायरस, बैक्टीरिया और कवक जैसे विभिन्न संक्रामक जीवों के कारण होता है। हालांकि इन रोगजनकों को श्वसन तंत्र में प्रवेश होने से बचाने के लिए अपने हाथ धोना सबसे अच्छा तरीका है। जिन लोगों के हाथों की स्वच्छता ठीक नहीं होती है उनमें निमोनिया होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। इससे बचाव के लिए हाथों और कलाइयों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन-पानी या सेनेटाइजर से साफ करें।
आहार की गड़बड़ी
अध्ययनों के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट और प्रोसेस्ड चीजों में पाया जाने वाला नाइट्राइट फेफड़ों में सूजन का कारण बन सकता है। इसके अलावा शराब में सल्फाइट्स होते हैं, जो निमोनिया के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। आहार में उन चीजों को शामिल किया जाना चाहिए जो श्वसन तंत्र को आराम देती हों और शरीर से इंफ्लामेशन को कम करने में सहायक हों।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।