World Osteoporosis Day 2025: अक्सर बुजुर्ग महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या देखने को मिलती है। एक आंकड़े के मुताबिक, 50 से अधिक उम्र के हर तीसरी महिला इस बीमारी का शिकार है, जबकि पुरुषों में यह अनुपात 5 में से 1 का है। यह अनुपात स्पष्ट रूप से दिखाता है कि यह बीमारी महिलाओं के लिए एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि क्यों महिलाओं में ये समस्या अधिक होती है, इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं?
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World Osteoporosis Day: 50 की उम्र के बाद हर तीसरी महिला को क्यों है ऑस्टियोपोरोसिस, जानें इसके पीछे की वजहें
Sun, 19 Oct 2025 03:09 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sun, 19 Oct 2025 03:09 PM IST
सार
World Osteoporosis Day 2025: महिलाओं में हड्डियों से संबंधित समस्या अधिक देखने को मिलती है। ऐसा होने के पीछे का एक बड़ा कारण ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या है, आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025
- फोटो : Freepik.com
मेनोपॉज
- फोटो : Adobe Stock
एस्ट्रोजन हार्मोन का कम होना बड़ा कारण
महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का सबसे बड़ा कारण मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में आने वाली तेजी से कमी है। एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है। यह हड्डियों को बनाने वाली कोशिकाओं को सक्रिय रखता है। मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर अचानक गिर जाता है, जिससे हड्डी के नुकसान होने की दर तेजी से बढ़ जाती है।
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वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025
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गर्भावस्था और स्तनपान का प्रभाव
महिलाओं के जीवनचक्र में गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर को बच्चे के विकास के लिए बड़ी मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है। अगर मां अपनी डाइट में पर्याप्त कैल्शियम नहीं ले रही है, तो शरीर बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए मां की हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है।
हालांकि, यह नुकसान अस्थायी हो सकता है, लेकिन अगर पोषण पर ध्यान न दिया जाए तो यह हड्डियों को कमजोर बना सकता है।
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महिलाओं के जीवनचक्र में गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर को बच्चे के विकास के लिए बड़ी मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है। अगर मां अपनी डाइट में पर्याप्त कैल्शियम नहीं ले रही है, तो शरीर बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए मां की हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है।
हालांकि, यह नुकसान अस्थायी हो सकता है, लेकिन अगर पोषण पर ध्यान न दिया जाए तो यह हड्डियों को कमजोर बना सकता है।
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हड्डियों की समस्या
- फोटो : Freepik.com
हड्डियों की शुरुआती मजबूती
महिलाओं में हड्डियों का अधिकतम घनत्व पुरुषों की तुलना में स्वाभाविक रूप से कम होता है। पीक बोन मास 20 से 30 वर्ष की आयु तक बनता है। यदि बचपन और किशोरावस्था में पोषण (खासकर कैल्शियम और विटामिन डी) और व्यायाम पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका शुरुआती बोन मास ही कम रह जाता है, जिससे मेनोपॉज के बाद हड्डियां ज्यादा तेजी से कमजोर होने लगती हैं।
महिलाओं में हड्डियों का अधिकतम घनत्व पुरुषों की तुलना में स्वाभाविक रूप से कम होता है। पीक बोन मास 20 से 30 वर्ष की आयु तक बनता है। यदि बचपन और किशोरावस्था में पोषण (खासकर कैल्शियम और विटामिन डी) और व्यायाम पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका शुरुआती बोन मास ही कम रह जाता है, जिससे मेनोपॉज के बाद हड्डियां ज्यादा तेजी से कमजोर होने लगती हैं।
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विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 2025
- फोटो : Freepik.com
क्या करें?
महिलाओं को अपनी हड्डियों को सुरक्षित रखने के लिए 40 की उम्र से ही सचेत हो जाना चाहिए। उन्हें कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर आहार लेना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम जैसे तेज चलना, हल्का दौड़ना या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये व्यायाम हड्डियों के निर्माण को गति देते हैं। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से परहेज करना भी आवश्यक है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
महिलाओं को अपनी हड्डियों को सुरक्षित रखने के लिए 40 की उम्र से ही सचेत हो जाना चाहिए। उन्हें कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर आहार लेना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम जैसे तेज चलना, हल्का दौड़ना या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये व्यायाम हड्डियों के निर्माण को गति देते हैं। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से परहेज करना भी आवश्यक है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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