मानसिक स्वास्थ्य को विशेषज्ञ आज के समय की बड़ी प्राथमिकता के तौर पर देख रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी उम्र के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। अध्ययनों में भी कहा गया है कि शरीर को तभी स्वस्थ रखा जा सकता है, जब मन स्वस्थ होगा। जिस तरह से कोरोना महामारी के बाद से चिंता-तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती हुई देखी जा रही हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि इसको लेकर लोगों को और भी सतर्कता बरतना चाहिए। समय पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान देकर इसे गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।
Health tips: मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना सभी के लिए जरूरी, जानिए चिंता-तनाव हो तो क्या करें-क्या नहीं?
क्या करें
लाइफस्टाइल को ठीक रखने पर दें ध्यान
तनाव-चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बहुत आवश्यक होता है। इसके लिए योग का अभ्यास करें, संगीत सुनें, मेडिटेशन करें। संतुलित भोजन से भी लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। तनाव-चिंता जैसी स्थितियों में दोस्तों से बात करें, अपनी परेशानियों को साझा करें, इससे मानसिक शांति मिलती है और समस्या के लक्षणों के कम किया जा सकता है।
अच्छी नींद और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए अच्छी नींद लेना सभी के लिए बहुत आवश्यक माना जाता है। तनाव की स्थिति में शरीर को बेहतर आराम की आवश्यकता होती है, जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनमें तनाव की समस्या बढ़ने और स्थिति के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक हो सकता है। अच्छी नींद के साथ नियमित योग-व्यायाम और मेडिटेशन के अभ्यास से भी समस्या में लाभ पाया जा सकता है। चिंता के लक्षणों को कम करने में डीप ब्रीदिंग के अभ्यास को कारगर माना जाता है।
क्या न करें?
स्क्रीन टाइम कम कर दें
यदि आपको भी कुछ समय से चिंता-तनाव जैसी समस्या बनी हुई है तो इसके लक्षणों को कम करने के लिए स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टीवी जैसे स्क्रीन्स पर समय बिताना कम कर दें। स्क्रीन टाइम बढ़ना नींद विकारों के साथ मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को भी बढ़ाने वाला माना जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि स्मार्टफोन से हमेशा चिपके रहने की आदत चिंता-तनाव और अवसाद जैसे विकारों के जोखिम को कई गुना तक बढ़ा देती है। इससे बचाव करें।
शराब-नशीली चीजों से परहेज
किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर शराब या किसी भी नशीली चीजों का सेवन न करें, इससे समस्या कम होने के बजाय बढ़ सकती है। शराब, कुछ समय के लिए अवरोधक का काम करके आपको नशे में रख सकती है पर इससे बीमारी के सही निदान में देरी हो सकती है, जिसके कारण रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा रहता है। ध्यान रखें, नशीली चीजें, चिंता को कम नही करतीं बल्कि इसके कारकों को कई गुना तक बढ़ा जरूर देती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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