मासिक धर्म यानी पीरियड्स मातृत्व क्षमता का सूचक है। महिलाओं के शरीर में हर महीने होने वाली यह प्राकृतिक क्रिया इस बात का सूचक है कि आप मां बनने के योग्य हैं। हालांकि समाज में पीरियड्स को लेकर फैले मिथ्य और भ्रम के चलते मेंसुरेशन हाइजीन एक बड़ा गंभीर विषय रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है, इसमें बरती जाने वाली किसी भी तरह की लापरवाही आपके लिए समस्याएं बढ़ा सकती है।
World Menstrual Hygiene Day: पीरियड्स के दौरान हाइजीन का रखें विशेष ध्यान, संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मददगार हैं ये टिप्स
सैनिटरी नैपकिन को समय-समय पर बदलते रहें
मासिक धर्म के दौरान शरीर से गंदा रक्त निकलता है जिसे सैनिटरी नैपकिन अवशोषित करती रहती है। इस दौरान शरीर कई प्रकार के संक्रमण के प्रति अति संवेदशील हो जाता है। ऐसे में ज्यादा देर तक एक ही पैड के इस्तेमाल से जननांगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इन दिक्कतों से बचे रहने के लिए सैनिटरी नैपकिन को समय-समय पर बदलते रहें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखते हुए हर 3-4 घंटे पर पैड को जरूर बदलें।
जननांगों की साफ-सफाई का रखें ध्यान
मासिक धर्म के दौरान जननांगों की साफ-सफाई बहुत आवश्यक हो जाती है, ऐसा करके आप संक्रमण के जोखिम को कम कर सकती हैं। सैनिटरी नैपकिन को हटाने के बाद भी बैक्टीरिया शरीर से चिपके रह सकते हैं। ज्यादातर लोग कैमिकल युक्त उत्पादों को जननांगों की साफ-सफाई के लिए प्रयोग में लाते रहते हैं, हालांकि इसे विशेषज्ञ सही तरीका नहीं मानते हैं। हर बार साफ पानी से अच्छी तरह से जननांगों की साफ-सफाई करें।
सैनिटरी नैपकिन का सही तरीके से डिस्पोजल जरूरी
हर बार पैड के इस्तेमाल के बाद इसे सही तरीके से डिस्पोज करना आवश्यक होता है। सैनिटरी नैपकिन को अच्छी तरह से कागज में लपेटकर ही कूड़ेदान में डालें और फिर हाथों को साफ करना न भूलें। उपयोग किए गए सैनिटरी नैपकिन को खुले में फेंकने से कीटाणुओं और बीमारियों के फैलने का खतरा हो सकता है। नैपकिन्स को टॉयलेट में फ्लश न करें।
पानी पीते रहना बहुत आवश्यक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान आपका पीएच लेवल भी बढ़ सकता है, इसे कंट्रोल में रखने के लिए समय-समय पर पानी पीते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। पानी पीते रहने से संक्रमण के खतरे को भी कम किया जा सकता है, साथ ही यह आपको डिहाइड्रेशन से भी बचाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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