पेशाब में जलन,पेट में तेज दर्द जैसी समस्याओं के साथ तेज बुखार को मुख्यरूप से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) का संकेत माना जाता है। यह यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से में हो सकती है। अधिकांश मामलों में मूत्राशय और मूत्रमार्ग में संक्रमण की स्थिति देखने को मिलती है, जो कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई होने का जोखिम अधिक होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 55-60 फीसदी महिलाओं को जीवन में कभी न कभी यूटीआई का सामना करना पड़ सकता है। टॉयलेट की गंदगी, सामुदायिक शौचालय का इस्तेमाल या पीरियड्स-संभोग के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने के कारण इस तरह की समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।
सावधान: 60 फीसदी महिलाओं में होता है यूटीआई का खतरा, इन आसान से उपायों से कर सकते हैं बचाव
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यूटीआई की समय पर पहचान जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते अगर यूटीआई के लक्षणों का पता चल जाए तो इसके लक्षणों को गंभीर रूप लेने से बचाया जा सकता है। इसके लिए संकेतों को ध्यान में रखें।
- पेशाब करने की तेज जरूरत महसूस होना, बार-बार पेशाब आना।
- पेशाब करते समय जलन होना।
- झागदार और पेशाब से गंध आना।
- पेशाब का रंग लाल, चमकीला गुलाबी दिखाई देना।
- महिलाओं को पैल्विक हिस्से में तेज दर्द होना।
ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेने का आवश्यकता होती है। आइए उन उपायों के बारे में जानते हैं जिनको प्रयोग में लाकर यूटीआई से बचाव किया जा सकता है।
तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें
यूटीआई से बचे रहने के लिए पानी पीते रहना सबसे फायदेमंद तरीका माना जाता है। पानी पीने से मूत्र पतला रहता है साथ ही बार-बार पेशाब जाने से मूत्रमार्ग साफ रहता है। पानी पीते रहने की आदत आपकी किडनी को भी साफ रखने में सहायक है। किडनी साफ रहने से यूटीआई का जोखिम कम हो जाता है। जो लोग कम पानी पीते हैं उनमें यूटीआई के साथ पेशाब से संबंधित कई तरह की अन्य समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है।
हाइजीन का रखें ध्यान
यूटीआई के ज्यादातर मामले ठीक साफ-सफाई न रखने के कारण होते हैं। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अच्छी स्वच्छता उपायों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ये संक्रमण से बचाने में सहायक हैं। पैड को बार-बार बदलना और जननांगों की सफाई रखना आपको यूटीआई के जोखिम से बचा सकता है।
कपड़ों का रखें विशेष ध्यान
टाइट-फिटिंग कपड़े पहनने की आदत आपमें यूटीआई के जोखिम को बढ़ा सकती है। जननांगों के पास टाइटनेस होने के कारण अधिक पसीना होता है जिससे बैक्टीरिया पनपने और मूत्र पथ की तरफ बढ़ने का जोखिम हो सकता है। अंडरवियर हमेशा सूती ही पहनें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अगर आपको बार-बार यूटीआई की दिक्कत होती रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।