फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

World Kidney Day 2024: क्रिएटिनिन का बढ़ा स्तर बन सकता है किडनी फेलियर का कारण, जानिए कैसे रखें इसे कंट्रोल?

Thu, 14 Mar 2024 02:32 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 14 Mar 2024 02:32 AM IST
विज्ञापन
world kidney day 2024 what is creatine and how does it affect the kidneys in hindi
किडनी में होने वाली बीमारियां - फोटो : iStock

World Kidney Day 2024: किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी का मुख्य काम रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करना और साफ किए गए रक्त को शरीर में वापस लौटाना है। हर दिन हमारी किडनी लगभग 180 लीटर रक्त को साफ करती है। पर क्या आप जानते हैं कि किडनी का काम रक्त को साफ करने से भी कहीं अधिक है? किडनी हमारे शरीर के तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में भी मदद करती है। यही कारण है कि इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हो सकता है।



लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण किडनी से संबंधित कई प्रकार की दिक्कतें काफी बढ़ती जा रही है। किडनी को स्वस्थ रखने के तरीकों को बढ़ावा देने, इसके उचित देखभाल को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से  प्रतिवर्ष मार्च के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों के लिए निरंतर किडनी की सेहत को ठीक रखने के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, रक्त में क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ स्तर किडनी के लिए काफी समस्या पैदा कर सकती है।

world kidney day 2024 what is creatine and how does it affect the kidneys in hindi
क्रिएटिनिन बढ़ने की समस्या - फोटो : Pixabay

क्या होता है क्रिएटिनिन? जिससे किडनी की समस्याओं का खतरा

क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट उत्पाद है जो भोजन में प्रोटीन के पाचन और मांसपेशियों के ऊतकों के ब्रेकडाउन से उत्पादित होता है। हमारी किडनी सामान्यरूप से इसे रक्त से फिल्टर कर देती है और पेशाब के माध्यम से ये अपशिष्ट शरीर से बाहर हो जाता है। हालांकि शरीर में इसकी अधिकता होने की स्थिति में ये किडनी को क्षति पहुंचाने लग जाती है।

अगर रक्त की जांच में आपमें भी क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ रहता है तो सावधान हो जाइए, ये किडनी फेलियर जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।

world kidney day 2024 what is creatine and how does it affect the kidneys in hindi
खून में क्रिएटिनिन की मात्रा - फोटो : iStock

क्यों बढ़ जाता है क्रिएटिनिन का स्तर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों के लिए 0.7 से 1.3 mg/dL और महिलाओं के लिए 0.6 से 1.1 mg/dL के क्रिएटिनिन  स्तर को सामान्य माना जाता है। हालांकि अगर ये लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो इससे न सिर्फ किडनी से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है, साथ ही शरीर के अन्य अंगों के लिए भी ये दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में गड़बड़ी, मांस का अधिक सेवन, कुछ प्रकार की दवाएं जिनमें एंटीबायोटिक्स और नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं शामिल हैं इनकी अधिकता के कारण किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है। सभी लोगों को क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
world kidney day 2024 what is creatine and how does it affect the kidneys in hindi
दवाइयों से किडनी को होने वाला नुकसान - फोटो : Pixabay

सप्लीमेंट्स के सेवन को लेकर बरतें सावधानी

अध्ययनों में कहा गया है कि कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स भी क्रिएटिनिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट्स के सेवन से बचना चाहिए। आमतौर पर एथलीट और बॉडी-बिल्डरों द्वारा लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स क्रिएटिनिन की मात्रा को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। हाई क्रिएटिनिन का स्तर वाले लोगों को ऐसे किसी भी उत्पाद से बचना चाहिए जिसमें क्रिएटिनिन अधिक होता है।

विज्ञापन
world kidney day 2024 what is creatine and how does it affect the kidneys in hindi
रेड मीट के अधिक सेवन के नुकसान - फोटो : Istock

रेड मीट के अधिक सेवन से बचें

साल 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, रेड मीट का अधिक सेवन करने से क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने का खतरा हो सकता है। रेड मीट में प्राकृतिक रूप से क्रिएटिन होता है और इसे पकाने से क्रिएटिन का ब्रेकडाउन होकर ये क्रिएटिनिन में बदल जाता है। शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल करने के लिए रेड मीट और मछलियों का सेवन कम करना चाहिए। वनस्पति प्रोटीन के कुछ स्रोत जैसे बीन्स आदि के अधिक सेवन से भी शरीर में इस अपशिष्ट के बढ़ने का खतरा रहता है।

जिन लोगों को पहले से ही किडनी से संबंधित समस्या रही है, उन्हें शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल में रखना जरूरी है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed