World Kidney Day 2024: किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी का मुख्य काम रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करना और साफ किए गए रक्त को शरीर में वापस लौटाना है। हर दिन हमारी किडनी लगभग 180 लीटर रक्त को साफ करती है। पर क्या आप जानते हैं कि किडनी का काम रक्त को साफ करने से भी कहीं अधिक है? किडनी हमारे शरीर के तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में भी मदद करती है। यही कारण है कि इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हो सकता है।
World Kidney Day 2024: क्रिएटिनिन का बढ़ा स्तर बन सकता है किडनी फेलियर का कारण, जानिए कैसे रखें इसे कंट्रोल?
क्या होता है क्रिएटिनिन? जिससे किडनी की समस्याओं का खतरा
क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट उत्पाद है जो भोजन में प्रोटीन के पाचन और मांसपेशियों के ऊतकों के ब्रेकडाउन से उत्पादित होता है। हमारी किडनी सामान्यरूप से इसे रक्त से फिल्टर कर देती है और पेशाब के माध्यम से ये अपशिष्ट शरीर से बाहर हो जाता है। हालांकि शरीर में इसकी अधिकता होने की स्थिति में ये किडनी को क्षति पहुंचाने लग जाती है।
अगर रक्त की जांच में आपमें भी क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ रहता है तो सावधान हो जाइए, ये किडनी फेलियर जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
क्यों बढ़ जाता है क्रिएटिनिन का स्तर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुषों के लिए 0.7 से 1.3 mg/dL और महिलाओं के लिए 0.6 से 1.1 mg/dL के क्रिएटिनिन स्तर को सामान्य माना जाता है। हालांकि अगर ये लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो इससे न सिर्फ किडनी से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है, साथ ही शरीर के अन्य अंगों के लिए भी ये दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में गड़बड़ी, मांस का अधिक सेवन, कुछ प्रकार की दवाएं जिनमें एंटीबायोटिक्स और नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं शामिल हैं इनकी अधिकता के कारण किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है। सभी लोगों को क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती है।
सप्लीमेंट्स के सेवन को लेकर बरतें सावधानी
अध्ययनों में कहा गया है कि कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स भी क्रिएटिनिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। यही कारण है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट्स के सेवन से बचना चाहिए। आमतौर पर एथलीट और बॉडी-बिल्डरों द्वारा लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स क्रिएटिनिन की मात्रा को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। हाई क्रिएटिनिन का स्तर वाले लोगों को ऐसे किसी भी उत्पाद से बचना चाहिए जिसमें क्रिएटिनिन अधिक होता है।
रेड मीट के अधिक सेवन से बचें
साल 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, रेड मीट का अधिक सेवन करने से क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने का खतरा हो सकता है। रेड मीट में प्राकृतिक रूप से क्रिएटिन होता है और इसे पकाने से क्रिएटिन का ब्रेकडाउन होकर ये क्रिएटिनिन में बदल जाता है। शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल करने के लिए रेड मीट और मछलियों का सेवन कम करना चाहिए। वनस्पति प्रोटीन के कुछ स्रोत जैसे बीन्स आदि के अधिक सेवन से भी शरीर में इस अपशिष्ट के बढ़ने का खतरा रहता है।
जिन लोगों को पहले से ही किडनी से संबंधित समस्या रही है, उन्हें शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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