शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी अंगों का स्वस्थ रहना आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इसी क्रम में हम सभी को किडनी की सेहत का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। किडनी, हमारे शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने का काम करती है। इसके अलावा शरीर की कोशिकाओं द्वारा उत्पादित एसिड को हटाने के साथ रक्त में पानी, नमक और खनिजों जैसे सोडियम, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम के स्वस्थ संतुलन को बनाए रखने में भी किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
World Kidney day 2022: जानलेवा हो सकती हैं किडनी की बीमारियां, इन चार बातों को ध्यान में रखकर गुर्दे को रखें स्वस्थ
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डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर पर करें कंट्रोल
किडनी को सेहतमंद बनाए रखने के लिए डायबिटीज और हाई ब्लड-प्रेशर को नियंत्रित रखना सबसे आवश्यक माना जाता है। मधुमेह, किडनी फेलियर के जोखिम को बढ़ा देता है। ब्लड शुगर का स्तर अधिक बढ़ जाने के कारण किडनी में कीटोन्स का स्तर बढ़ सकता है जिससे किडनी के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप, हृदय रोग के साथ-साथ किडनी को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। इन दोनों रोगों को नियंत्रित रखना आवश्यक है।
आहार का विशेष ध्यान रखें
किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आहार का पौष्टिक और स्वस्थ होना बहुत आवश्यक माना जता है। साबुत अनाज, फलों और सब्जियों से भरपूर आहार का सेवन करें। किडनी विशेषज्ञों के मुताबिक इस अंग में होने वाली कई गंभीर बीमारियों के जोखिम से बचे रहने के लिए भोजन में नमक की मात्रा को भी कम रखना आवश्यक माना जाता है। किडनी ठीक से काम करती रहे इसके लिए दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना आवश्यक माना जाता है।
शराब से बनी लें दूरी
शराब का सेवन लिवर के साथ-साथ किडनी को भी गंभीर क्षति पहुंचा सकता है। रक्त के साथ शराब को फिल्टर करना किडनी के लिए कठिन हो जाता है जिससे किडनी की सेहत पर असर हो सकता है। बहुत अधिक शराब पीने से आपका रक्तचाप बढ़ जाता है, जिसे किडनी की सेहत को लिए नुकसानदायक माना जाता है। किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अल्कोहल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
अधिक ओवर-द-काउंटर दवाइयों से बचें
बहुत अधिक दवाइयां खाने से भी किडनी की सेहत पर असर पड़ सकता है। नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लामेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) दवाइयां किडनी में रक्त के प्रवाह की मात्रा को कम करती हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं। बहुत अधिक दवाइयों के सेवन से बचना चाहिए। हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दवाइयों का सेवन किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।