हाई ब्लड प्रेशर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, यह हृदय रोगों का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ब्लड प्रेशर बढ़ने को पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं।
World Hypertension Day: हर चार में से एक युवा ब्लड प्रेशर का शिकार, दिनचर्या में ये छोटे से बदलाव होंगे मददगार
क्यों बढ़ रही है युवाओं में ब्लड प्रेशर की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार कम उम्र के लोग भी होते जा रहे हैं। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम की कमी, आहार में सोडियम की अधिकता, जंक-फास्ट फूड का अधिक सेवन आपमें उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान भी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा हो सकता है। अगर आप इस तरह की लाइफस्टाइल वालें हैं तो सतर्क हो जाएं ये आपमें ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
आप दिनचर्या में कुछ सामान्य से बदलाव करके भी इस जोखिम को कम कर सकते हैं।
वजन को कंट्रोल में रखें
स्वस्थ वजन बनाए रखने से आपको उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। मोटापे की समस्या के कारण उच्च रक्तचाप के अलावा मधुमेह और कई अन्य क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और आहार को ठीक रखने से आपको वजन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। अगर आपका वजन बढ़ रहा है तो इसे कंट्रोल करने के उपाय करें।
संतुलित आहार और सोडियम की मात्रा कम करें
संतुलित आहार आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मददगार हो सकता है। आहार में सोडियम, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा को कम करके आप रक्तचाप को कंट्रोल कर सकते हैं। ब्लड प्रेशर को ठीक रखने के साथ कई अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए आहार में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और नट्स की मात्रा बढ़ाएं, ये आपको स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। नमक की अधिकता आपके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
अगर आपमें कुछ विटामिन्स की कमी है तो इसके कारण भी हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम हो सकता है।
व्यायाम बहुत आवश्यक
अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तो यह आदत न सिर्फ आपको ब्लड प्रेशर के खतरे से बचाने के लिए मददगार हो सकती है साथ ही इससे हृदय रोग-डायबिटीज के जोखिम और इसकी जटिलताओं को कम किया जा सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी की शारीरिक निष्क्रियता के शिकार हैं, उनमें इन बीमारियों के विकास का जोखिम अधिक होता है।
दिनचर्या को ठीक रखें और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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