ब्लड प्रेशर बढ़ना हमारे शरीर के लिए कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ाने का कारण माना जाता है, इससे सबसे ज्यादा खतरा हृदय रोगों को हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखने के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
World Hypertension Day 2023: इन विटामिन्स की कमी के कारण भी हो सकती है हाई ब्लड प्रेशर की समस्या,बरतें सावधानी
पोटेशियम बहुत आवश्यक
पोटेशियम एक आवश्यक खनिज है जो हमारी कोशिकाओं के अंदर द्रव के सामान्य स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। हेल्थ हार्वर्ड के अनुसार, यह दिल की धड़कन को नियंत्रित करता है, मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के उचित कार्य को सुनिश्चित करने के साथ शरीर से अतिरिक्त सोडियम को शरीर से निकालने में मदद करता है, जिसका बढ़ना उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारणों में से एक है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि पोटेशियम रक्त वाहिकाओं की दीवारों को आराम देता है, जिससे रक्तचाप को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। कई अध्ययनों में पोटेशियम की कमी को बढ़े हुए रक्तचाप का प्रमुख कारण पाया गया है।
विटामिन-डी की कमी से भी हो सकता है जोखिम
विटामिन-डी को हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि जिन लोगों में इसकी कमी होती है उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का जोखिम काफी बढ़ जाता है। साओल हार्ट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन-डी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सीधे रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने में मदद करते हैं।
शरीर में इसकी कमी होने के कारण हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है, आहार में इसकी मात्रा जरूर सुनिश्चित करें।
विटामिन-के की कमी भी नुकसानदायक
विटामिन-डी की ही तरह विटामिन-के का भी शरीर में कम स्तर हाई ब्लड प्रेशर के जोखिमों को बढ़ाने वाला माना जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि विटामिन-के धमनियों में खनिजों के निर्माण को रोककर रक्तचाप को कम रखने में मदद करता है । यह हृदय को बेहतर तरीके से रक्त पंप करने में मदद करता है। जिन लोगों में इस विटामिन की कमी होती है उनमें रक्तचाप बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
स्वस्थ आहार का सेवन करके रखें ब्लड प्रेशर कंट्रोल
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं यदि हम सभी आहार को ठीक रखने पर ध्यान दे लें तो ब्लड प्रेशर की समस्याओं को कम किया जा सकता है। एक दिन में 1500 मिलीग्राम से कम की मात्रा में नमक ही का सेवन करें। लो फैट और ढेर सारे फाइबर वाली चीजों को आहार में शामिल करने से भी इस समस्या को कम किया जा सकता है।
आहार में साबुत अनाज, बहुत सारे फल और सब्जियां, डेयरी उत्पाद को शामिल करके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती हैं। हर दिन भोजन के एक चौथाई हिस्से में फल और सब्जिया खाने का लक्ष्य रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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