{"_id":"5baf264e867a5570f257b9ea","slug":"world-heart-day-reasons-what-causes-irregular-heart-beat-called-arrhythmia","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दिल की धड़कने हो बेकाबू तो हो जाएं सतर्क, बन सकते हैं इस बड़ी बीमारी का शिकार","category":{"title":"Fitness","title_hn":"फिटनेस","slug":"fitness"}}
दिल की धड़कने हो बेकाबू तो हो जाएं सतर्क, बन सकते हैं इस बड़ी बीमारी का शिकार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:44 PM IST
विज्ञापन
अगर बेवजह ही आपका दिल तेज या धीमी गति से धड़कने लगे तो आपको सावधान रहने की जरूरत है।क्या आप जानते हैं दिल की अनियमित धड़कन को 'एरिथमिया' कहते हैं, जो किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।आमतौर पर दिल एक सामान्य गति से धड़कता है।लेकिन अगर आपकी धड़कने बिना किसी वजह के अक्सर अनियमित हो जाती है, तो यह आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है।
heart attack
अक्सर मेहनत करने, डरने या शरीर के अस्वस्थ रहने पर व्यक्ति की दिल की धड़कने अनियमित हो जाती हैं, लेकिन यदि इसके बढ़ने और घटने का कोई कारण आपको समझ नहीं आ रहा है, तो आपको अपने दिल पर ध्यान देने की जरूरत है। यह आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है। दिल की अनियमित धड़कन को 'एरिथमिया' कहते हैं।
एरिथमिया होने पर आपके धड़कनों की चाल कभी सामान्य से ज्यादा बढ़ जाती है तो कभी सामान्य से धीमी हो जाती है। एरिथमिया तब होता है, जब दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाले विद्युत तरंगे ठीक से काम नहीं करते हैं। दिल की धड़कन अनियमित हो जाने पर, आपको सीने, गले अथवा गर्दन में दर्द महसूस हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एरिथमिया चिंताजनक हो सकती है। अधिकतर मामलों में इनका संबंध तनाव और चिंता से होता है। इसके अलावा उत्तेजना बढ़ाने वाले तत्व, जिनमें कैफीन, निकोटीन और अल्कोहल की मात्रा होती है, का सेवन भी इसका कारण हो सकते हैं। गंभीर भावनात्मक अहसास के कारण ही दिल की धड़कन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। तनाव, डर, चिंता आदि के कारण यह सबसे अधिक होता है। अगर आपने अपनी क्षमता से अधिक काम कर लिया है, तो इसके परिणामस्वरूप आपके दिल की गति बढ़ जाती है। इसके अलावा हार्मोन में बदलाव, मासिक धर्म के समय, गर्भावस्था के समय यह समस्या हो सकती है।
विज्ञापन
गर्भावस्था के दौरान भी हृदय अतालता हो सकता है। अगर आपको नियमित रूप से ऐसी शिकायत हो, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको सांसों का उखड़ना, चक्कर आना, सीने में दर्द अथवा बेहोशी की शिकायत हो, तो आपको फौरन चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।
गर्भावस्था के समय अगर ऐसा हो रहा है तो यह एनीमिया का लक्षण भी हो सकता है। थायरॉइड, निम्म रक्तचाप, एनीमिया, लो ब्लड शुगर, बुखार और निर्जलीकरण के कारण भी यह समस्या हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट, वसायुक्त और अधिक शुगर वाले आहार का सेवन करने के कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है। अगर आपने ऐसे आहार का सेवन किया है, जिसमें नाइट्रेट या सोडियम की मात्रा अधिक है, तो यह भी दिल की धड़कन बढ़ा सकता है।
गर्भावस्था के समय अगर ऐसा हो रहा है तो यह एनीमिया का लक्षण भी हो सकता है। थायरॉइड, निम्म रक्तचाप, एनीमिया, लो ब्लड शुगर, बुखार और निर्जलीकरण के कारण भी यह समस्या हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट, वसायुक्त और अधिक शुगर वाले आहार का सेवन करने के कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है। अगर आपने ऐसे आहार का सेवन किया है, जिसमें नाइट्रेट या सोडियम की मात्रा अधिक है, तो यह भी दिल की धड़कन बढ़ा सकता है।