Heart Diseases: गड़बड़ लाइफस्टाइल, खान-पान में अशुद्धि, नमक-चीनी के अधिक सेवन से सेहत पर गंभीर असर होता है। ये कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का कारण बन सकती हैं। यही कारण है कि डॉक्टर सभी लोगों को कम उम्र से ही अपनी दिनचर्या और खान-पान में सुधार करने की सलाह देते हैं। हालांकि आपकी सेहत के लिए बस यही दुश्मन नहीं हैं। हम रोजाना ऑक्सीजन के रूप में जो हवा ले रहे होते हैं, उसके कारण भी जोखिम बढ़ सकता है।
World Heart Day 2025: बढ़ता प्रदूषण कहीं रोक न दे आपके दिल की धड़कन? रक्त वाहिकाएं समय से पहले हो रहीं बूढ़ी
- बढ़ता वायु प्रदूषण धीरे-धीरे हमारे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। हवा में बढ़ते सूक्षण कण, जहरीली गैसें और धुआं के कारण जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे हृदय स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
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वायु प्रदूषण और इसका शरीर पर असर
वायु प्रदूषण हमारे शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करता है। हवा में मौजूद बेहद छोटे कण (PM2.5) हमारी सांस के साथ सीधे फेफड़ों में चले जाते हैं और वहां से खून में मिल जाते हैं। इसके अलावा प्रदूषित हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं।
अध्ययनों से पता चलता है कि वायु प्रदूषण वाली जगहों पर रहने वाले लोगों में इसके दुष्प्रभाव सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दिल, दिमाग, किडनी, यहां तक कि प्रजनन क्षमता तक को प्रभावित कर सकता है।
वायु प्रदूषण से हृदय को कैसे खतरा?
अक्सर ये मान लिया जाता है कि वायु प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों की समस्या बढ़ाता है, लेकिन असल में इसका सबसे बड़ा खतरा हृदय स्वास्थ्य को होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट बताती है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले लोगों में हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा 20-30% तक बढ़ जाता है।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित, 100 से अधिक अध्ययनों के विश्लेषण के आधार पर विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्मकण पीएम 2.5 और नाइट्रोजन ऑक्साइड के लंबे समय तक संपर्क में रहने से रक्त वाहिकाएं समय से पहले बूढ़ी हो रही हैं। इसके अलावा ये कोरोनरी आर्टरी में कैल्शियम का निर्माण को भी बढ़ा देती है।
धमनियों में कैल्शियम का यह निर्माण हृदय और अन्य प्रमुख रक्त वाहिकाओं में खून के संचार को सीमित कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट अटैक-स्ट्रोक का जोखिम
इसके अलावा वायु प्रदूषण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को बढ़ाकर भी हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है जिससे कारण हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय गति रुकने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
वायु प्रदूषण के कारण होने वाली सूजन और तनाव की स्थिति एंडोथेलियल डिस्फंक्शन का कारण बनती है, जहां रक्त वाहिकाएं ठीक से काम करने की अपनी क्षमता खो देती हैं। इसके कारण भी उच्च रक्तचाप और धमनियों में प्लाक बनने का जोखिम बढ़ जाता है।
वायु प्रदूषण से कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण से पूरी तरह बचना कठिन है, लेकिन कुछ उपाय अपनाकर हम इसके खतरों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
- सबसे जरूरी है मास्क का इस्तेमाल करें। मास्क गंदी-प्रदूषित हवा के कणों को रोकने में सबसे असरदार हैं।
- रोजाना अपने शहर के प्रदूषण का स्तर देखें। एक्यूआई ज्यादा होने पर घरों से बाहर कम निकलें।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार जैसे फल, सब्ज़ियां, ग्रीन टी शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
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स्रोत
Linking Air Pollution and Heart Disease
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