फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

World Diabetes Day: डायबिटीज को लेकर फैली हैं कई गलत जानकारियां, आप भी तो नहीं मानते हैं इन अफवाहों को सच?

Mon, 14 Nov 2022 08:44 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 14 Nov 2022 08:44 AM IST
विज्ञापन
world diabetes day 2022, misinformation about diabetes, know myths and facts about this
डायबिटीज के जोखिम और इससे बचाव के बारे में जानिए - फोटो : iStock

डायबिटीज का जोखिम पिछले एक दशक में काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। अब 40 से भी आयु के लोग, यहां तक कि बच्चों में भी डायबिटीज की समस्या का निदान किया जा रहा है। डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज की स्थिति शरीर में कई प्रकार की गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है, इस खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। डायबिटीज के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, जैसे आनुवांशिकी, आहार और जीवनशैली की गड़बड़ी आदि। इन चीजों पर ध्यान देकर इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचाव किया जा सकता है।



वैश्विक स्तर पर बढ़ते डायबिटीज के खतरे को लेकर लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। डॉक्टर्स कहते हैं, डायबिटीज की समस्या काफी तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की गई है, लगभग हर दूसरे घर में एक व्यक्ति डायबिटीज का शिकार मिल जाएगा, हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि अब भी लोगों में इसको लेकर सही जानकारियों की कमी देखी जा रही है। 

कई ऐसे मिथ्स हैं जिन्हें हम वर्षों से सही मानते आ रहे हैं, ये डायबिटीज के प्रबंधन और बचाव में दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। इस गंभीर रोग से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को सही जानकारी होना आवश्यक है। आइए ऐसे ही कुछ मिथ्स के बारे में जानते हैं जिन्हें ज्यादातर लोग सही मानते आ रहे हैं।

world diabetes day 2022, misinformation about diabetes, know myths and facts about this
डायबिटीज के जोखिम कारक - फोटो : iStock

मिथ 1: परिवार में किसी को डायबिटीज नहीं है तो इसका खतरा नहीं।

डॉक्टर कहते हैं,  यह सच है कि डायबिटीज का आनुवांशिक जोखिम अधिक होता है यानी कि यदि आपके माता-पिता या भाई-बहन में किसी को डायबिटीज है तो आपमें भी इसके विकसित होने का खतरा अधिक हो जाता है। हालांकि यदि परिवार में किसी को डायबिटीज नहीं भी है तो भी आपमें कुछ कारकों के चलते डायबिटीज हो सकती है। जीवनशैली और आहार संबंधी गड़बड़ी, शारीरिक निष्क्रियता और मोटापा जैसी स्थितियां आपको डायबिटीज का शिकार बना सकती हैं, भले ही आपमें आनुवांशिक जोखिम न हों।

world diabetes day 2022, misinformation about diabetes, know myths and facts about this
डायबिटीज में चावल खा सकते है या नहीं? - फोटो : iStock

मिथ 2: डायबिटीज वाले लोगों को चावल-आलू नहीं खाना चाहिए।

मधुमेह को लेकर खान-पान से संबंधित कई प्रकार के मिथ्स हैं, उनमें से एक है कि डायबिटिक लोगों को चावल-आलू जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए। असल में इनमें कार्बोहाइड्रेट की अधिकता होती है, कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा देती है।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज में भी कार्बोहाइड्रेट से पूरी तरह परहेज करना ठीक नहीं है। कार्बोहाइड्रेट, शरीर को ऊर्जा देने के लिए आवश्यक होते हैं, ऐसे में इससे परहेज के कारण आपमें थकान और कमजोरी हो सकती है। बस इन चीजों के संयमित सेवन का ध्यान रखें। लो-कार्ब डाइट डायबिटीज में फायदेमंद हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
world diabetes day 2022, misinformation about diabetes, know myths and facts about this
डायबिटीज की दवाइयों को लेकर दें ध्यान - फोटो : Pixabay

मिथ 3: शुगर कंट्रोल होने पर डायबिटीज की दवाइयों की जरूरत नहीं।

डायबिटीज के ज्यादातर रोगी अक्सर यह गलती करते हैं, ब्लड शुगर का स्तर कंट्रोल में आते ही डायबिटीज की गोलियां और इंसुलिन लेना खुद से बंद कर देते हैं। डॉक्टर इस आदत को काफी गंभीर और नुकसानदायक मानते हैं। डॉक्टर्स कहते हैं, मधुमेह को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, इसे बस दवाइयों और अन्य माध्यमों से नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। खुद से ही दवाइयां बंद कर देने से अचानक शुगर लेवल के बहुत बढ़ जाने का खतरा रहता है जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, यहां तक कि यह कई अंगों के फेलियर का भी कारण बन सकती है।

बिना डॉक्टरी सलाह के न तो दवाइयों का सेवन करें, न ही दवाइयां-इंसुलिन बंद करें। 

विज्ञापन
world diabetes day 2022, misinformation about diabetes, know myths and facts about this
डायबिटीज की समस्या और उपचार - फोटो : istock

मिथ 4: डायबिटीज सिर्फ मेटाबॉलिज्म और रक्त की समस्या है।

निश्चित तौर पर डायबिटीज मेटाबॉलिज्म में होने वाली गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्या है जिसमें रक्त में शुगर की मात्रा काफी बढ़ जाती है, पर यह शरीर के कई अन्य अंगों की दिक्कतें भी बढ़ा देती है। डायबिटीज के शिकार लोगों में आंखों, किडनी, लिवर, तंत्रिका जैसी बीमारियों का खतरा काफी अधिक होता है। ब्लड शुगर का स्तर लगातर अनियंत्रित बना रहना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस और डायबिटिक फुट का भी कारण बन सकती है, जिससे बचाव करते रहना बहुत आवश्यक है। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed