डायबिटीज का जोखिम वैश्विक स्तर पर साल-दर-साल तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बीमारी को काफी गंभीर और जटिलताओं वाला मानते हैं, चूंकि इसका जोखिम 40 से कम उम्र के लोगों में भी बढ़ता जा रहा है, ऐसे में बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। टाइप-2 डायबिटीज को मुख्यरूप से लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या के तौर पर जाना जाता है, ऐसे में अगर दिनचर्या और खान-पान को ठीक कर लिया जाए तो इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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डायबिटीज से बचाव के लिए कैसी रखें दिनचर्या?
डायबिटीज से बचाव के लिए सबसे आवश्यक है, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। इसके लिए दिनचर्या में व्यायाम, योग, रनिंग, तैराकी जैसे अभ्यास को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा अध्ययनों में डायबिटीज और तनाव के बीच के संबंधों के बारे में पता चलता है। डायबिटीज के जोखिमों से बचे रहने के लिए तनाव को कंट्रोल करना भी बहुत आवश्यक है, इसमें नियमित रूप से योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है।
इन आदतों से हो सकता है खतरा
डॉक्टर्स कहते हैं, डायबिटीज के विकास के लिए जिन कारकों को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, वजन बढ़ना उनमें से एक हैं। अधिक वजन या मोटापा आपके जोखिमों को बढ़ा सकते हैं। इसके लिए बहुत ज्यादा समय बैठकर न बिताएं और आहार में कैलोरी वाली चीजों की मात्रा को कम करें। धूम्रपान और शराब की आदत को भी डायबिटीज के जोखिमों को बढ़ावा देने वाला माना जाता है, इससे भी परहेज किया जाना चाहिए।
डायबिटीज से बचाव के लिए कैसा रखें आहार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज से बचाव करने और इसके जोखिमों से बचने के लिए आहार का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियों-साग का सेवन अधिक करें। मौसमी फलों का सेवन भी आवश्यक माना जाता है, हालांकि सिर्फ उन्हीं फलों का सेवन किया जाना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। समय पर भोजन करने और अधिक पानी पीने से भी डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं।
डायबिटीज से बचना है तो इन चीजों से करें परहेज
डायबिटीज के खतरे से बचे रहने के लिए कुछ चीजों से परहेज किया जाना जरूरी होता है।
- चीनी-मीठे खाद्य-पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखें।
- व्हाइट ब्रेड, चावल और पास्ता जैसी चीजों का सेवन कम करें।
- फल या ऐसे खाद्य पदार्थ जिनक ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से अधिक हो, उनका सेवन कम से कम करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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