अगर आपको किसी लोहे वाली चीज से चोट लग जाए, कहीं कट जाए तो सबसे पहले टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जाती है। ये आपको उस गंभीर और जानलेवा बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मदद करती है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है।
सेहत की बात: चोट लगने के कितने घंटे में लगवाएं टिटनेस का इंजेक्शन? एक टीका कितने साल तक देता है सुरक्षा
अगर आपको कभी भी जंग लगे लोहे से चोट लग जाए तो तुरंत टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जाती है। अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि एक बार इंजेक्शन लगवाने के बाद ये कितने समय तक शरीर को सुरक्षा देता है?
बच्चों को दिए जाते हैं टीके
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वैसे तो इम्यूनाइजेशन शेड्यूल यानी छोटे बच्चों को लगने वाली वैक्सीन के दौरान डीपीटी की खुराक दी जाती है।
- डीपीटी का मतलब- डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस की वैक्सीन से है।
- प्राथमिक टीकाकरण लेने वाले बच्चों में टिटनेस से सुरक्षा आमतौर पर लंबे समय तक रहती है।
- लेकिन अगर आपको लोहे वाली चीज से या फिर ऐसी चोट लग जाए जिससे टिटनेस का खतरा हो सकता है तो फिर से वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने की सलाह दी जाती है।
चोट लगने पर टीका जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको चोट लग गई है और गहरा घाव हो गया है तो डॉक्टर एहतियातन टिटनेस का टीका लगवाने की सलाह देते हैं।
- अगर आपको चोट किसी गंदी या मिट्टी-जंग लगी चीज से लगी है और पिछला टिटनेस टीका 5 साल या उससे अधिक पहले लगा था, तो बूस्टर की जरूरत पड़ सकती है।
- चोट लगने के 24-48 घंटे के भीतर जितनी जल्दी हो सके ये टीका ले लेना चाहिए ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
- साफ और मामूली घाव में आमतौर पर 10 साल का अंतर देखा जाता है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन बच्चों का टीकाकरण पूरा हुआ है उनमें सुरक्षा लंबे समय तक रहती है, लेकिन एंटीबॉडी का स्तर समय के साथ कम हो सकता है, इसलिए नियमित 10 साल पर बूस्टर डोज की सलाह दी जाती है। अगर टीकाकरण अधूरा है या आखिरी बार कब लगा था ये पता नहीं है तो चोट लगने पर तुरंत इंजेक्शन लगवाने की सलाह दे सकते हैं।
घाव होने पर क्या करें
अगर आपको चोट लग गई है तो घाव को साफ पानी से अच्छी तरह साफ करें और मिट्टी या जंग जैसी गंदगी हटाएं। गंभीर या गहरे घाव को खुद से बंद करने या घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर के पास जाकर टिटनेस का इंजेक्शन लें।
अगर आप 48 घंटों के अंदर टिटनेस का इंजेक्शन नहीं लगवाते हैं, तो इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपको संक्रमण होगा ही। घाव-चोट की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर 48 घंटे के बाद भी यह इंजेक्शन लगवाने की सलाह देते हैं ताकि खतरे को कम किया जा सके।
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स्रोत:
Tetanus Risk
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