कैंसर, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज का अनुमान है कि 2017 में कैंसर के कारण 9.56 मिलियन (95.6 लाख) लोगों की समय से पहले मौत हो गई। दुनिया में हर छठी मौत कैंसर के कारण होती है।
विश्व कैंसर दिवस 2024: हर साल कैंसर से हो जाती हैं लाखों मौतें, जानिए कैंसर के लक्षण-कारण और बचाव के तरीके
कैंसर और इसके प्रकार
कैंसर विश्वभर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। शरीर के किसी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि और इसका अनियंत्रित रूप से विभाजन कैंसर का कारक हो सकती है। आनुवांशिकता, पर्यावरणीय, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, रसायनों के अधिक संपर्क के कारण कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। महिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जबकि पुरुषों में फेफड़े-प्रोस्टेट और कोलन कैंसर का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है।
कैंसर के लक्षणों की करें पहचान
कैंसर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में विकसित हो रहा है। मुख्यरूप से कैंसर के कारण थकान, अस्पष्टीकृत वजन कम होने की समस्या, त्वचा में परिवर्तन जैसे त्वचा का पीला या काला पड़ना, निगलने में कठिनाई, अस्पष्टीकृत रक्तस्राव की समस्या कैंसर का संकेत हो सकती है। अगर आपके शरीर में कहीं भी असामान्य तरीके से गांठ महसूस हो रही है तो इसकी समय रहते जांच जरूर कराएं।
कैंसर, कोशिकाओं के भीतर डीएनए में उत्परिवर्तन के कारण होता है, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें जैसे धूम्रपान-शराब का सेवन, सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना, मोटापा और असुरक्षित यौन संबंध कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। आनुवांशिकी भी कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर रह चुका है, उनमें कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है।
कैंसर का उपचार और इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय पर अगर कैंसर का निदान हो जाए तो इसका उपचार और रोगी की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। कैंसर के कई उपचार उपलब्ध हैं। कैंसर का प्रकार और अवस्था जैसी स्थितियों के आधार पर दवाओं, थेरेपी, सर्जरी के माध्यम से इसका इलाज किया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को कैंसर से बचाव को लेकर लगातार सावधानी बरतते रहना चाहिए। लाइफस्टाइल और आहार को पौष्टिक रखने के साथ शराब-धूम्रपान को छोड़कर कैंसर के खतरे से बचाव किया जा सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।