ब्रेन ट्यूमर, एक बेहद खतरनाक और जानलेवा समस्या है, जिसके कारण हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। वैश्विक स्तर पर साल 2020 में तीन लाख से अधिक लोगों में मस्तिष्क के ट्यूमर का पता चला था। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि 2025 तक अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में 20 वर्ष से कम आयु के छह हजार बच्चों में इस कैंसर का निदान हो सकता है।
World Brain Tumor Day: मस्तिष्क में गांठ हो सकती है जानलेवा, जानिए ब्रेन ट्यूमर होने के क्या हैं लक्षण और कारण
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ब्रेन ट्यूमर के बारे में जानिए
ब्रेन ट्यूमर को मुख्यरूप से दो प्रकार का माना जाता है। पहला जिसमें ट्यूमर आपके मस्तिष्क में उत्पन्न होता है और इससे मस्तिष्क के हिस्सों को क्षति का जोखिम हो सकता है। वहीं दूसरे ब्रेन ट्यूमर को मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है इसमें कैंसर कोशिकाएं फेफड़े या स्तन जैसे अन्य अंगों से मस्तिष्क में फैलती हैं।
इस प्रकार के कैंसर के विकसित होने के कई जोखिम कारक हो सकते हैं। 5 से 10 फीसदी मामले आनुवांशिक हो सकते हैं। उम्र के साथ भी ब्रेन ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ने लगता है।
ब्रेन ट्यूमर होने के कारणों के बारे में जानिए
ब्रेन ट्यूमर तब होता है जब मस्तिष्क में या इसके पास की कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन हो जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किन कारणों से डीएनए परिवर्तन होता है। कुछ जोखिम कारक आपमें ब्रेन ट्यूमर या कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। जैसे कुछ प्रकार के रसायनों के संपर्क में आने से इसका जोखिम अधिक हो सकता है। इसी प्रकार जो लोग रेडिएशन के संपर्क में अधिक रहते हैं उनमें भी यह खतरा बढ़ता देखा गया है।
डॉक्टर कहते हैं, समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और इलाज किया जाना आवश्यक होता है।
ब्रेन ट्यूमर के क्या लक्षण होते हैं?
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण ट्यूमर के स्थान और आकार पर निर्भर करते हैं। कुछ ट्यूमर मस्तिष्क के ऊतकों को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं और कुछ ट्यूमर आसपास के हिस्सों पर दबाव डालते हैं। इसमें अक्सर सिरदर्द होते रहना सबसे कॉमन है। इसके साथ अगर आपको कुछ और लक्षण लंबे समय से महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- सिर में दर्द या दबाव जो सुबह के समय अधिक हो।
- अक्सर मतली या उल्टी होते रहना।
- आंखों की समस्याएं, जैसे धुंधला दिखाई देना या दोहरी दृष्टि।
- एक हाथ या एक पैर का ठीक से काम न करना।
- शारीरिक-मानसिक संतुलन में परेशानी होना।
- बहुत थकान महसूस होते रहना।
ब्रेन ट्यूमर का इलाज और बचाव
यदि ब्रेन ट्यूमर का पता चलता है तो इसका सबसे आम इलाज सर्जरी है। जिसमें मस्तिष्क के स्वस्थ हिस्सों को नुकसान होने से बचाने के लिए कैंसर कोशिकाओं को दूर करना है। सर्जरी के साथ अन्य उपचार माध्यमों जैसे रेडिएशन और कीमोथेरेपी आदि को भी प्रयोग में लाया जा सकता है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को ब्रेन ट्यूमर से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
आप धूम्रपान और रेडिएशन जैसे जोखिमों से बचकर ब्रेन ट्यूमर के जोखिमों को कम कर सकते हैं। यदि आपके परिवार में किसी को ब्रेन ट्यूमर रह चुका है तो अपने जोखिमों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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