Medically Reviewed by Dr. Sudhir Chaudhary
क्षय रोग एवं श्वसन रोग विशेषज्ञ, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी (क्षय रोग एवं श्वसन रोग)
अनुभव- 38 वर्ष
अस्थमा यानी दमा एक गंभीर बीमारी है। मूल रूप से यह फेफड़ों में वायुमार्ग से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। दरअसल, दमा होने पर श्वास नलियों में सूजन आ जाती है, जिससे श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। जब यह सूजन बढ़ जाती है, तब सांस लेने में परेशानी होने के साथ-साथ खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। आइए जानते हैं अस्थमा के लक्षण, इसको रोकने के उपायों के बारे में और साथ ही यह भी कि अस्थमा के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
विश्व अस्थमा दिवस 2021: दमा के मरीज भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, बढ़ सकती है परेशानी
अस्थमा के लक्षण
- बार-बार खांसी आना
- सांस लेते समय सीटी की आवाज आना
- छाती में जकड़न और भारीपन
- बेचैनी होना
अस्थमा के मरीज इन बातों का रखें ध्यान
- बारिश और सर्दी से बचें
- सर्दी के मौसम में धुंध में जाने से बचें
- धूल भरी जगहों पर जाने से बचें
- घर से निकलने से पहले मास्क लगा कर निकलें
- धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से बचें
अस्थमा के मरीज क्या खाएं
- अस्थमा के मरीजों को गेंहूं, पुराना चावल, जौ, मूंग, कुल्थी, दाल, आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा उन्हें अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा पालक और गाजर के रस को अस्थमा में काफी फायदेमंद माना जाता है। अस्थमा के मरीजों को अपने आहार में लहसुन, अदरक, हल्दी और काली मिर्च को भी जरूर शामिल करना चाहिए।
अस्थमा के मरीज क्या न खाएं
- अस्थमा के मरीजों को अधिक मीठा, ठंडा पानी और दही के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये उनकी परेशानियां और बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अस्थमा के मरीजों को तले हुए खाद्य पदार्थ भी नहीं खाने चाहिए और कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
नोट: डॉ. सुधीर चौधरी रेस्पिरेटरी मेडिसिन में क्वालिफाइड कंसल्टेंट हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया, फिर इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से ही एमडी (क्षय रोग एवं श्वसन रोग) की पढ़ाई पूरी की। इनके पास आईएमए की सदस्यता भी है। डॉ. सुधीर चौधरी को इस क्षेत्र में 38 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।