अल्जाइमर रोग, वैश्विक स्तर पर बड़े स्वास्थ्य जोखिम के रूप में बढ़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 55 मिलियन (5.5 करोड़) से अधिक लोग इस गंभीर मस्तिष्क/न्यूरोलॉजिकल विकार से पीड़ित हैं, लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित गड़बड़ियों के कारण इसका जोखिम और भी बढ़ता जा रहा है। अल्जाइमर रोग को डिमेंशिया के प्रमुख कारक के रूप में भी जाना जाता है।
World Alzheimer's Day 2023: दुनियाभर में 5 करोड़ से अधिक लोग अल्जाइमर के शिकार, जानिए बीमारी के बारे में सबकुछ
पहले जानिए क्या है अल्जाइमर?
अल्जाइमर रोग, मुख्यरूप से 60 साल के बाद होता है, यह मस्तिष्क विकार है जो आपके सामान्य दिनचर्या के कार्यों में भी बाधा बन सकती है। इस रोग में मस्तिष्क में कुछ प्रोटीन जमा होने लगते हैं, समय के साथ मस्तिष्क सिकुड़ जाता है जिससे कोशिकाएं अंततः मरने लगती हैं। अल्जाइमर रोग, डिमेंशिया का सबसे आम कारण है जिसमें याददाश्त, सोच, व्यवहार और सामाजिक कौशल में कमी आने लगती हैं।
चीजों को बार-बार भूलने लगना अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। इसके अन्य लक्षणों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
अल्जाइमर रोग की पहचान कैसे की जाए?
अल्जाइमर रोग की पहचान के लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों के बारे में सही जानकारी हो। शुरुआती संकेतों में रोगी के लिए हाल की घटनाओं या बातचीत को याद रखने में कठिनाई होने लगती है, बीमारी बढ़ने के साथ याददाश्त और भी गड़बड़ हो जाती है। इस तरह के लक्षणों को लेकर ध्यान देते रहना भी जरूरी है।
- विचारों को व्यक्त करने के लिए सही शब्द ढूंढने में कठिनाई होना।
- योजनाएं बनाने या समस्याओं को सुलझाने में कठिनाई होना।
- नियमित दैनिक कार्यों को पूरा करने में अधिक समय लगना।
- बीमारी बढ़ने पर अवसाद, उदासीनता या चिंता जैसी दिक्कतें भी होने लगती हैं।
क्यों होती है ये बीमारी?
अल्जाइमर रोग क्यों होता है, इसके सटीक कारणों को पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, लेकिन बुनियादी स्तर पर, मस्तिष्क में प्रोटीन से संबंधित विकारों को इसका एक कारण माना जाता है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) के काम को बाधित करने लगती हैं जिसके कारण रोगी को कई प्रकार की मस्तिष्क से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि आनुवंशिक, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन भी मस्तिष्क को प्रभावित कर सकते हैं। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी भी इस रोग को बढ़ाने का एक कारण मानी जाती है।
अल्जाइमर का इलाज और बचाव
अल्जाइमर रोग का अब तक कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, लेकिन कुछ दवाएं अस्थायी रूप से इसके लक्षणों को ठीक करने और डिमेंशिया के जोखिमों से बचाने में आपके लिए मददगार हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, परिवार के लोगों को रोगी के लक्षणों पर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। अल्जाइमर के लिए जितनी जल्दी हो सके इलाज शुरू करने से लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
जहां तक बचाव की बात है, इसके लिए भी कोई ठोस प्रमाण नहीं है, हालांकि जीवनशैली को ठीक रखकर जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है। सभी लोगों को इन बातों का युवावस्था से ही पालन करते रहना चाहिए।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
- स्वस्थ तेल और लो-सेचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए उपाय करते रहें।
- धूम्रपान-शराब से दूरी बनाएं, ये आपके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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