फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

World Alzheimer's Day 2023: दुनियाभर में 5 करोड़ से अधिक लोग अल्जाइमर के शिकार, जानिए बीमारी के बारे में सबकुछ

Thu, 21 Sep 2023 11:04 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 21 Sep 2023 11:04 AM IST
विज्ञापन
world alzheimer day 2023, what is alzheimer disease its symptoms and causes in hindi
वर्ल्ड अल्जाइमर डे 2023 - फोटो : Pixabay/Pearvideo.com

अल्जाइमर रोग, वैश्विक स्तर पर बड़े स्वास्थ्य जोखिम के रूप में बढ़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 55 मिलियन (5.5 करोड़) से अधिक लोग इस गंभीर मस्तिष्क/न्यूरोलॉजिकल विकार से पीड़ित हैं, लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित गड़बड़ियों के कारण इसका जोखिम और भी बढ़ता जा रहा है। अल्जाइमर रोग को डिमेंशिया के प्रमुख कारक के रूप में भी जाना जाता है। 



आंकड़े बताते हैं,  विश्वस्तर पर अल्जाइमर रोग और इसके कारण होने वाले डिमेंशिया के मामलों में 1990 से 2019 तक 147.95% की वृद्धि हुई है। 1990 में इस रोग के 2.92 मिलियन थे जो 2019 में बढ़कर 7.24 मिलियन से अधिक हो गए हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ते अल्जाइमर रोग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम को लेकर प्रयासों के लिए हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को इस रोग के बारे में जानना जरूरी है, जिससे भविष्य में इससे बचाव और खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास किए जा सकें। आइए अल्जाइमर रोग से जुड़ी सभी जरूरी बातों को जानते हैं।

world alzheimer day 2023, what is alzheimer disease its symptoms and causes in hindi
अल्जाइमर रोग के बारे में जानिए - फोटो : istock

पहले जानिए क्या है अल्जाइमर?

अल्जाइमर रोग, मुख्यरूप से 60 साल के बाद होता है, यह मस्तिष्क विकार है जो आपके सामान्य दिनचर्या के कार्यों में भी बाधा बन सकती है। इस रोग में मस्तिष्क में कुछ प्रोटीन जमा होने लगते हैं, समय के साथ मस्तिष्क सिकुड़ जाता है जिससे कोशिकाएं अंततः मरने लगती हैं। अल्जाइमर रोग, डिमेंशिया का सबसे आम कारण है जिसमें याददाश्त, सोच, व्यवहार और सामाजिक कौशल में कमी आने लगती हैं।

चीजों को बार-बार भूलने लगना अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। इसके अन्य लक्षणों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

world alzheimer day 2023, what is alzheimer disease its symptoms and causes in hindi
अल्जाइमर में भूलने की बीमारी - फोटो : istock

अल्जाइमर रोग की पहचान कैसे की जाए?

अल्जाइमर रोग की पहचान के लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों के बारे में सही जानकारी हो। शुरुआती संकेतों में रोगी के लिए हाल की घटनाओं या बातचीत को याद रखने में कठिनाई होने लगती है, बीमारी बढ़ने के साथ याददाश्त और भी गड़बड़ हो जाती है। इस तरह के लक्षणों को लेकर ध्यान देते रहना भी जरूरी है।

  • विचारों को व्यक्त करने के लिए सही शब्द ढूंढने में कठिनाई होना।
  • योजनाएं बनाने या समस्याओं को सुलझाने में कठिनाई होना।
  • नियमित दैनिक कार्यों को पूरा करने में अधिक समय लगना।
  • बीमारी बढ़ने पर अवसाद, उदासीनता या चिंता जैसी दिक्कतें भी होने लगती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
world alzheimer day 2023, what is alzheimer disease its symptoms and causes in hindi
मस्तिष्क में समस्या और अल्जाइमर रोग - फोटो : istock

क्यों होती है ये बीमारी?

अल्जाइमर रोग क्यों होता है, इसके सटीक कारणों को पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, लेकिन बुनियादी स्तर पर, मस्तिष्क में प्रोटीन से संबंधित विकारों को इसका एक कारण माना जाता है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) के काम को बाधित करने लगती हैं जिसके कारण रोगी को कई प्रकार की मस्तिष्क से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं। 

वैज्ञानिकों का मानना है कि आनुवंशिक, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन भी मस्तिष्क को प्रभावित कर सकते हैं। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी भी इस रोग को बढ़ाने का एक कारण मानी जाती है।

विज्ञापन
world alzheimer day 2023, what is alzheimer disease its symptoms and causes in hindi
अल्जाइमर रोग की रोकथाम के लिए करें प्रयास - फोटो : istock

अल्जाइमर का इलाज और बचाव

अल्जाइमर रोग का अब तक कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, लेकिन कुछ दवाएं अस्थायी रूप से इसके लक्षणों को ठीक करने और डिमेंशिया के जोखिमों से बचाने में आपके लिए मददगार हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, परिवार के लोगों को रोगी के लक्षणों पर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। अल्जाइमर के लिए जितनी जल्दी हो सके इलाज शुरू करने से लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

जहां तक बचाव की बात है, इसके लिए भी कोई ठोस प्रमाण नहीं है, हालांकि जीवनशैली को ठीक रखकर जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है। सभी लोगों को इन बातों का युवावस्था से ही पालन करते रहना चाहिए।

  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • स्वस्थ तेल और लो-सेचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए उपाय करते रहें। 
  • धूम्रपान-शराब से दूरी बनाएं, ये आपके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। 


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed