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वर्क फ्रॉम होम वालों के लिए हेल्थ टिप: घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान? जानें इसकी बड़ी वजह
Tue, 08 Sep 2026 02:16 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:16 PM IST
सार
Work From Home Fatigue: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो वर्क फ्रॉम होम पर हैं, लेकिन हमेशा थका-थका महसूस करते हैं तो इस लेख को आखिर तक अवश्य पढ़ें। हम यहां आपको इसकी वजह बताएंगे।
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घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान?
- फोटो : AI
Work From Home Fatigue: घर से काम करने पर अक्सर लगता है कि ऑफिस आने-जाने की भागदौड़ और ज्यादा शारीरिक गतिविधि से बचने के कारण शरीर कम थकेगा। लेकिन हकीकत में कई लोगों को वर्क फ्रॉम होम के दौरान दिन खत्म होने तक पहले से ज्यादा थकान महसूस होती है।
घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान?
- फोटो : AI
घर से काम करने पर ज्यादा थकान क्यों महसूस होती है?
1. लंबे समय तक बैठे रहना
वर्क फ्रॉम होम में ऑफिस तक पैदल जाना, सीढ़ियां चढ़ना या सहकर्मियों से मिलने के लिए चलना जैसी छोटी-छोटी गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे शरीर की कुल मूवमेंट घट सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर में अकड़न और सुस्ती महसूस हो सकती है।
2. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों और दिमाग पर असर
लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहने से आंखों में थकान, सिरदर्द और असहजता हो सकती है। लगातार डिजिटल काम करने से मानसिक थकान भी बढ़ सकती है।
1. लंबे समय तक बैठे रहना
वर्क फ्रॉम होम में ऑफिस तक पैदल जाना, सीढ़ियां चढ़ना या सहकर्मियों से मिलने के लिए चलना जैसी छोटी-छोटी गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे शरीर की कुल मूवमेंट घट सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर में अकड़न और सुस्ती महसूस हो सकती है।
2. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों और दिमाग पर असर
लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहने से आंखों में थकान, सिरदर्द और असहजता हो सकती है। लगातार डिजिटल काम करने से मानसिक थकान भी बढ़ सकती है।
घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान?
- फोटो : AI
3. ऑनलाइन मीटिंग्स से बढ़ सकता है मानसिक दबाव
वर्क फ्रॉम होम में कई बार एक के बाद एक वीडियो मीटिंग्स होती रहती हैं। लगातार स्क्रीन पर खुद को देखने, दूसरों को ध्यान से सुनने और बातचीत में सक्रिय रहने की जरूरत मानसिक रूप से थका सकती है।
4. काम और घर के बीच सीमा खत्म होना
ऑफिस से घर लौटने का सफर व्यक्ति को काम से मानसिक रूप से अलग होने का समय देता है। घर से काम करने पर यह बदलाव नहीं हो पाता। कई लोग काम खत्म होने के बाद भी ईमेल, मैसेज या अगले दिन के काम के बारे में सोचते रहते हैं।
वर्क फ्रॉम होम में कई बार एक के बाद एक वीडियो मीटिंग्स होती रहती हैं। लगातार स्क्रीन पर खुद को देखने, दूसरों को ध्यान से सुनने और बातचीत में सक्रिय रहने की जरूरत मानसिक रूप से थका सकती है।
4. काम और घर के बीच सीमा खत्म होना
ऑफिस से घर लौटने का सफर व्यक्ति को काम से मानसिक रूप से अलग होने का समय देता है। घर से काम करने पर यह बदलाव नहीं हो पाता। कई लोग काम खत्म होने के बाद भी ईमेल, मैसेज या अगले दिन के काम के बारे में सोचते रहते हैं।
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घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान?
- फोटो : AI
5. ब्रेक लेना भूल जाते हैं
ऑफिस में चाय, लंच, सहकर्मियों से बातचीत या किसी दूसरे कमरे में जाने के कारण प्राकृतिक ब्रेक मिल जाते हैं। घर से काम करते समय लोग लगातार कई घंटे काम कर सकते हैं और ब्रेक लेना भूल जाते हैं।
6. प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा की कमी
अगर वर्कस्पेस ऐसी जगह है जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी या वेंटिलेशन नहीं है, तो दिनभर वहां बैठने से सुस्ती महसूस हो सकती है। काम के बीच कुछ समय बाहर निकलना और प्राकृतिक रोशनी लेना दिनचर्या के लिए बेहतर हो सकता है।
ऑफिस में चाय, लंच, सहकर्मियों से बातचीत या किसी दूसरे कमरे में जाने के कारण प्राकृतिक ब्रेक मिल जाते हैं। घर से काम करते समय लोग लगातार कई घंटे काम कर सकते हैं और ब्रेक लेना भूल जाते हैं।
6. प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा की कमी
अगर वर्कस्पेस ऐसी जगह है जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी या वेंटिलेशन नहीं है, तो दिनभर वहां बैठने से सुस्ती महसूस हो सकती है। काम के बीच कुछ समय बाहर निकलना और प्राकृतिक रोशनी लेना दिनचर्या के लिए बेहतर हो सकता है।
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घर से काम करने के बाद भी क्यों रहती है थकान?
- फोटो : AI
थकान कम करने के लिए क्या करें?
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- काम के दौरान हर कुछ समय में छोटा ब्रेक लेने की कोशिश करें।
- कुर्सी से उठकर कुछ मिनट चलना, स्ट्रेचिंग करना और आंखों को स्क्रीन से आराम देना मददगार हो सकता है।
- काम के लिए एक निश्चित जगह और समय तय करना भी उपयोगी है।
- काम खत्म होने के बाद लैपटॉप बंद करना और नोटिफिकेशन से दूरी बनाना दिमाग को आराम देने में मदद कर सकता है।
- पर्याप्त नींद, संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त पानी पीना भी रोजाना की ऊर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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