फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

फिश पेडीक्योर कराने गई थी लड़की लेकिन मछली ने खा लिया पैर!, आप भी बरतें ये सावधानी

Wed, 03 Jul 2019 04:09 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Wed, 03 Jul 2019 04:09 PM IST
विज्ञापन
Woman Loses Toes to Fish Pedicure
fish spa

फिश पेडीक्योर के कई स्वास्थ्य लाभ हैं लेकिन थोड़ी-सी असावधानी बड़ा नुकसान कर सकती है। थायलैंड में ऐसी ही घटना देखने को मिली है। यहां फिश पेडीक्योर कराने गई एक महिला को अपने दाहिने पैर की अंगुलियां कटवानी पड़ी। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ की रहने वाली 29 साल की विक्टोरिया कर्थाइट्स के पैर की अंगुलियों में संक्रमण हो गया था और इलाज के दौरान उन्हें अंगुलियां कटवानी पड़ी। अगली स्लाइड में पढ़िए क्या है पूरा मामला


 
Woman Loses Toes to Fish Pedicure
fish spa
साल 2006 में विक्टोरिया के पैर की अंगुलियों की हड्डी में संक्रमण हुआ था। यह संक्रमण कांच पर चलने की वजह से हुआ। 2010 में विक्टोरिया थाइलैंड की यात्रा पर गईं और यहां उन्होंने फिश स्पा ली। थाइलैंड सहित ही दुनियाभर में फिश स्पा का काफी चलन है और रिलेक्श रहने के लिए लोग फिश पेडीक्योर लेते हैं। 

 
Woman Loses Toes to Fish Pedicure
fish spa
दरअसल, कहा जाता है कि फिश पेडीक्योर के बाद हमारी त्वचा कोमल और चिकनी हो जाती है। फिश पेडीक्योर के लिए पानी से भरे एक टैंक में लोग अपने पैरों को डालते हैं, जहां मछलियां उनके डेड स्किन को खा जाती है और त्वचा चिकनी हो जाती है। ऐसा माना जाता है कि एक्जिमा और सोरायसिस की बीमारी में फिश पेडीक्योर काफी लाभकारी होती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Woman Loses Toes to Fish Pedicure
fish spa
विक्टोरिया ने थाइलैंड में जहां फिश स्पा ली वहां का पानी प्रदूषित था और वह पहले से ही हड्डी के संक्रमण से जूझ रही थीं।ऐसे में जब वह घर लौटी तो उन्हें तेज बुखार ने घेर लिया। इसके बाद उन्हें डॉक्टर पर ले जाया गया। दो साल इलाज चलने के बाद विक्टोरिया के दाहिने पैर का अंगूठा और दूसरी अंगुलियां काटनी पड़ी। 
 
विज्ञापन
Woman Loses Toes to Fish Pedicure
मछली - फोटो : pixabay
विक्टोरिया का कहना है, मैं जब थाइलैंड में थी तो मैंने फिश स्पा लेने की सोची। लेकिन स्पा के मालिक ने फिश पेडीक्योर में असावधानी बरती और उसका पानी प्रदूषित था। आप भी अगर फिश पेडीक्योर कराते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि पानी प्रदूषित न हो और टैंक का पानी रोज बदला गया हो। दरअसल, लोग त्वचा से संबंधित बीमारियों को दूर करने के लिए फिश पेडीक्योर करवाते हैं।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed