What not to Eat in Winter: ठंड का मौसम अपने चरम पर है, लोग इन दिनों कई लेयर के कपड़े पहनना शुरु कर चुके हैं। भीषण ठंड के दस्तक देते ही हमारी रसोई में खान-पान का तरीका बदल जाता है, लेकिन अक्सर हम स्वाद के चक्कर में ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं जो हमारे श्वसन तंत्र और पाचन को बिगाड़ सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, म्यूकस (बलगम) और साइनसाइटिस की समस्या से जूझ रहे लोग 'फूड सेंसिटिव' होते हैं।
Winter Tips: भीषण ठंड में रसोई की इन चार चीजों से तुरंत बना लें दूरी, वरना डॉक्टर के पास जाना तय!
Foods That Increase Mucus and Phlegm: ठंड के दिनों में कुछ चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए या बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए। अक्सर लोग इन बातों का ध्यान नहीं देते हैं और जाने-अनजाने कुछ गलतियां करते हैं जिसकी वजह से उनकी तबियत खराब हो जाती है। आइए इस लेख में उन्हीं सावधानियों के बारे में जानते हैं।
ठंडा दूध और आइसक्रीम से परहेज करें
ठंडे डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे फ्रिज से निकला दूध, मिल्क शेक या आइसक्रीम सर्दियों में 'जहर' के समान काम करते हैं। ये चीजें शरीर में म्यूकस को तुरंत थिक कर देती हैं, जिससे गले में खराश और नाक बंद होने की समस्या शुरू हो जाती है। इसके स्थान पर, ठंड में हमेशा गर्मागरम हल्दी वाला दूध पिएं। हल्दी के एंटी-बैक्टीरियल गुण बलगम को पिघलाने और शरीर को अंदरूनी गर्माहट देने में मदद करते हैं।
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अधिक चीनी और तली-भुनी चीजों का खतरा
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बहुत अधिक शक्कर या मीठी चीजों का सेवन करने से अगले 4-5 घंटों के लिए आपकी इम्युनिटी काफी कम हो जाती है। शक्कर शरीर में इन्फ्लेमेशन बढ़ाती है जिससे बलगम की समस्या गंभीर हो सकती है। वहीं, तला-भुना और तेलकट भोजन आपके डाइजेशन को धीमा कर देता है। सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम होने के कारण यह अतिरिक्त फैट हृदय की धमनियों में जमा होकर हार्ट ब्लॉकेज का जोखिम भी बढ़ा सकता है।
गेहूं का भारी भोजन और ग्लूटेन सेंसिटिविटी
सर्दियों में पराठे और पूरी जैसे गेहूं आधारित भारी भोजन का अधिक सेवन भी समस्या पैदा कर सकता है। जो लोग ग्लूटेन सेंसिटिव होते हैं, उनके शरीर में गेहूं का अधिक सेवन आंतरिक सूजन को बढ़ा देता है। इससे न केवल पेट में भारीपन रहता है, बल्कि श्वसन तंत्र में भी जकड़न महसूस होने लगती है। कोशिश करें कि सर्दियों में हल्का और सुपाच्य अनाज शामिल करें।
सर्दियों की रात में केला खाना स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। केला प्रकृति में शीतल होता है और आयुर्वेद के अनुसार यह कफ को बढ़ाने का काम करता है। रात के समय इसे खाने से छाती में जकड़न और साइनसाइटिस का जोखिम बढ़ जाता है। अगर आप अपनी डाइट से इन पांच चीजों को बाहर रखते हैं, तो आप बिना डॉक्टर के पास गए इस कड़ाके की ठंड को स्वस्थ तरीके से गुजार सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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