क्या अचानक से उठते ही आपकी आंखों के सामने भी अंधेरा छा जाता, चक्कर आता है और चलते-चलते संतुलन बिगड़ जाता है? अगर हां तो सावधान हो जाइए, कहीं ये किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत तो नहीं है? आमतौर पर ज्यादातर लोग इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी, थकान या नींद की कमी का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि चक्कर बार-बार आने लगे और लंबे समय तक बने रहें तो ये खतरनाक स्वास्थ्य समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है।
Dizziness Causes: सिर्फ कमजोरी ही नहीं, इन वजहों से भी आता है बार-बार चक्कर
चक्कर आना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अगर आप भी अक्सर चक्कर आते रहने से परेशान रहते हैं तो डॉक्टर से मिलकर इसके सही कारणों की पहचान जरूर करा लें।
बार-बार चक्कर आने का कारण
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कान के अंदर मौजूद संतुलन बनाने वाली प्रणाली में गड़बड़ी, एनीमिया, अनियंत्रित डायबिटीज, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी बार-बार चक्कर आने का कारण बन सकती हैं।
- बारिश और गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन तथा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी चक्कर आने के मामलों को बढ़ा देते हैं।
- जो लोग लगातार तनाव, चिंता, पैनिक अटैक और नींद की कमी का शिकार रहते हैं, उनमें मस्तिष्क और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने का खतरा रहता है जिससे यह समस्या पैदा हो सकती है।
आइए जानते हैं कि बार-बार चक्कर आने के पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं और कब यह खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
डिहाइड्रेशन या लो बीपी तो नहीं?
डिहाइड्रेशन बार-बार चक्कर आने का सबसे आम कारणों में से एक है। जब शरीर में पानी कम हो जाता है, तो इससे ब्लड वॉल्यूम घटने लगती है। इस कारण से मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त व ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे सिर हल्का लगना, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं होती हैं। अधिक पसीना आना, उल्टी, दस्त, बुखार या पर्याप्त पानी न पीना इस समस्या को बढ़ा सकता है।
इसके अलावा आपका ब्लड प्रेशर सामान्य से कम रहता है, तो अचानक खड़े होने पर मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। इस स्थिति को ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन भी कहा जाता है। इसके कारण आंखों के सामने अंधेरा छाना, चक्कर आना और कभी-कभी बेहोशी तक हो सकती है।
एनीमिया की समस्या
एनीमिया के शिकार लोगों में शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मस्तिष्क और अन्य अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण लगातार थकान, कमजोरी, सांस फूलने और चक्कर आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। महिलाओं में आयरन की कमी की समस्या अधिक देखने को मिलती है। यदि चक्कर के साथ त्वचा पीली दिखे, जल्दी थकान हो या दिल की धड़कन तेज महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
कान में कोई समस्या तो नहीं?
क्या आप जानते हैं कि शरीर का बनाए रखने के लिए कान का ठीक रहना जरूरी है?
हमारे कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि इसमें संक्रमण, सूजन कोई अन्य समस्या हो जाए, तो वर्टिगो की दिक्कत बढ़ जाती है। इसके साथ मतली, उल्टी और चलने में असंतुलन भी हो सकता है। यदि सिर घुमाने पर चक्कर बढ़ जाएं या बार-बार ऐसा हो तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं.
डॉक्टर कहते हैं, पहले समझना जरूरी है कि हर चक्कर एक जैसा नहीं होता। यदि चक्कर बार-बार आएं, बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, सीने में दर्द, जैसे लक्षण हों तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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