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Health Tips: 100 mg से अधिक पावर वाली निमेसुलाइड पर सरकार ने क्यों लगाया बैन? जान लें इस दवाई के साइड इफेक्ट

Wed, 31 Dec 2025 08:55 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Wed, 31 Dec 2025 08:55 PM IST
सार

सरकार ने पेन किलर दवा निमेसुलाइड के 100mg से अधिक के ओरल सेवन को बैन लगा दिया है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं इस दवा के सेवन से सेहत पर क्या साइड एफेक्ट हैं।

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Why did the government ban Nimesulide in potencies greater than 100 mg Learn about its serious side effects
दवा - फोटो : Adobe Stock Images

Side Effects Of Painkiller Nimesulide: सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 100 mg से अधिक पावर वाली निमेसुलाइड के ओरल सेवन (खाने वाली दवाओं) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्र सरकार ने इस दवा की 100 mg से ज्यादा डोज वाली सभी किस्मों की मैन्यूफैक्चरिंग, बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगाने का फैसला किया है, जो नियम 29 दिसंबर 2025 से देशभर में प्रभावी हो गया है। 



निमेसुलाइड एक गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा (NSAID) है, जिसका उपयोग अक्सर दर्द निवारक और बुखार कम करने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसके उच्च डोज के कारण मरीजों में होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों, विशेषकर 'लिवर फेलियर' के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ समितियों ने इसकी अधिक क्षमता वाली खुराक को खतरनाक माना है।

सरकार के इस आदेश का उद्देश्य अनियंत्रित तरीके से ली जाने वाली हैवी पेनकिलर्स पर लगाम लगाना है ताकि भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं को रोका जा सके।

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निमेसुलाइड दवा (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com

क्या पूरी निमेसुलाइड दवा बैन हो गई है?
आम लोगों के मन में यह भ्रम है कि क्या यह दवा अब पूरी तरह बंद हो गई है। इसका जवाब है, नहीं। सरकार ने केवल 100 mg से अधिक पावर वाली ओरल (खाने की) दवाओं पर प्रतिबंध लगाया है। 100 mg तक की खुराक वाली गोलियां अभी भी बाजार में उपलब्ध रहेंगी, जिन्हें केवल डॉक्टर की लिखित सलाह पर ही खरीदा और बेचा जा सकेगा। यह आंशिक प्रतिबंध केवल अधिक डोज की जोखिम भरी खुराक के लिए है।


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लिवर - फोटो : Adobe Stock

लिवर के लिए क्यों है यह खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार निमेसुलाइड की 100 mg से ज्यादा डोज सीधे लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'हेपेटोटॉक्सिसिटी' कहा जाता है। अधिक पावर वाली दवा लेने से लिवर की कोशिकाएं तेजी से नष्ट होने लगती हैं, जिससे लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। चूंकि बाजार में दर्द और बुखार के लिए पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसे अधिक सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं, इसलिए इस जोखिम भरी दवा को हटाना ही सही समझा गया।


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दवाएं - फोटो : Freepik.com

निमेसुलाइड के अन्य संभावित दुष्प्रभाव
लिवर के अलावा हाई डोज निमेसुलाइड किडनी की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकती है और पेट में अल्सर या ब्लीडिंग का कारण बन सकती है। कई मामलों में इसके सेवन से त्वचा पर गंभीर चकत्ते और एलर्जी भी देखी गई है। सरकार के इस फैसले से अब उन फार्मा कंपनियों पर लगाम लगेगी जो बिना पर्याप्त चेतावनी के 200 mg या उससे अधिक पावर की टैबलेट बाजार में बेच रही थीं, जिससे मरीजों की जान को खतरा बना रहता था।

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डॉक्टर से मिलें - फोटो : Freepik
आम जनता के लिए डॉक्टर की सलाह
अगर आप दर्द या बुखार के लिए निमेसुलाइड का सेवन करते आ रहे हैं, तो तुरंत अपनी खुराक की जांच करें। 100 mg से ऊपर की कोई भी टैबलेट न लें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी पेनकिलर का लंबे समय तक उपयोग न करें। 29 दिसंबर के बाद से अगर कोई मेडिकल स्टोर 100 mg से अधिक पावर की निमेसुलाइड बेचता है, तो वह कानूनन अपराध माना जाएगा। सुरक्षित रहें और हमेशा डॉक्टर द्वारा सुझाई गई खुराक का ही पालन करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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