कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनिया के कई देशों में स्थिति गंभीर होती जा रही है। तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के पीछे दुनियाभर के कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने एसिम्प्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले मरीजों को भी बड़ा कारण माना, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस संबंध में अलग राय स्पष्ट की। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीज कोरोना नहीं फैलाते। इस पर कई विशेषज्ञों को आपत्ति भी हुई। अब दो दिन के अंदर डब्ल्यूएचओ ने अपनी राय पर यू-टर्न मारते हुए इसे गलतफहमी बताया और सफाई भी दी है।
WHO का यू टर्न: पहले कहा- बिना लक्षण वाले मरीज नहीं फैलाते कोरोना, फिर बोले- गलतफहमी थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमण फैलने का जो ट्रेंड है, उससे यही लग रहा कि एसिम्पटोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले मरीजों से कोरोना वायरस नहीं फैलता। ऐसे मामले दुर्लभ ही हैं। लेकिन महज दो दिन के अंदर अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि यह एक गलतफहमी थी। डब्ल्यूएचओ की महामारी विशेषज्ञ डॉ. मारिया वेन ने अपने बयान पर यह सफाई दी।
दुनियाभर के वैज्ञानिकों के सवाल उठाने के बाद डॉ. वेन ने यह सफाई दी। डब्ल्यूएचओ के तीन दिन में तीन बयानों से समझते हैं कि एसिम्पटोमैटिक मरीजों पर क्या राय रही:
आठ जून:
- दुनिया में जिस तरह कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उसकी वजह ये एसिम्पटोमैटिक मरीज नहीं हैं। ऐसे मामले दुर्लभ हैं। खासकर युवाओं और दूसरे स्वस्थ लोगों में इस संक्रमण के लक्षण या तो नजर नहीं आते या बहुत हल्के लक्षण नजर आते हैं। फिलहाल हमारा ध्यान केवल लक्षण वाले मरीजों पर है।
: डॉ. मारिया वेन, महामारी विशेषज्ञ, डब्ल्यूएचओ
नौ जून:
- मैंने 'बेहद दुर्लभ' शब्द का इस्तेमाल किया था। वह एक गलतफहमी थी। फिलहाल हमारे पास इसका कोई जवाब नहीं है। उस समय मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का जवाब दे रही थी। मैं जो समझ पा रही थी, वही बताने की कोशिश कर रही थी। मैंने उस वक्त जो कहा, वह हाल में सामने आई रिसर्च और स्टडी के आधार पर कहा था।
: डॉ. मारिया वेन, महामारी विशेषज्ञ, डब्ल्यूएचओ
10 जून:
- एसिम्प्टोमैटिक मरीजों के मामले पर अभी और रिसर्च किए जाने की जरूरत है। यह नया वायरस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन निरंतर इस संबंध में कुछ न कुछ नया सीख रहा है। इस वायरस से जुड़ी जटिल चीजों को समझना बहुत आसान नहीं है लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी और जवाबदेही है।
: जनरल टेड्रोस अधानोम, डब्ल्यूएचओ प्रमुख