दुनियाभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। रूस ने अगस्त में पहली और हाल ही में अपनी दूसरी वैक्सीन को मंजूरी दे दी है, हालांकि दोनों ही वैक्सीन के अंतिम चरण के ट्रायल अबतक पूरे नहीं हुए हैं। वहीं चीन ने भी वैक्सीन बना लेने और इमेरजेंसी अप्रूवल के तहत लोगों को लगाए जाने का भी दावा किया है। भारत, ब्रिटेन समेत कई देश वैक्सीन के काफी करीब हैं। इन तमाम खबरों के बाद जरूरी जानकारी यही है कि जनसाधारण के टीकाकरण के लिए एक सुरक्षित और असरदार वैक्सीन अबतक उपलब्ध नहीं है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर विकसित की जा रही वैक्सीन से दुनिया को बहुत उम्मीदें हैं। कहा जा रहा था कि वैक्सीन दिसंबर में उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन क्या सच में ऐसा संभव है?
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Oxford vaccine Update
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर एस्ट्राजेनेका कंपनी से करार के तहत भारत में बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का उत्पादन होना है। अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया इस वैक्सीन को कोविशील्ड नाम से तैयार कर रही है। बता दें कि वैक्सीन तीसरे और अंतिम चरण के ट्रायल से गुजर रही है। पिछले दिनों एक वॉलेंटियर पर साइडइफेक्ट होने के बाद वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया था। इससे वैक्सीन के जल्दी आने की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा है। क्या आप जानते हैं, ब्रिटेन में इसको लेकर क्या कुछ चल रहा है?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ब्रिटेन की वैक्सीन टास्क फोर्स की हेड केट बिंघम को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक वैक्सीन सफल साबित होगी। हालांकि उनका कहना है कि यह केवल उम्मीद है, इसकी अभी कोई गारंटी नहीं है। इससे पहले दिसंबर तक वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही थी। ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वॉलेस ने बीते महीने कहा था कि देश में कोरोना संक्रमण के ज्यादा जोखिम वाले वर्ग के लोगों को साल 2020 खत्म होने से पहले वैक्सीन दी जा सकेगी। आम लोगों के लिए यह अगले साल उपलब्ध हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
पिछले दिनों वैक्सीन की डोज के बाद ट्रायल में शामिल एक वॉलेंटियर पर साइडइफेक्ट के बाद ट्रायल को रोक दिया गया था लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर यह फिर से शुरू हो गया है। बता दें कि अमेरिका में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने भी अपनी वैक्सीन का ट्रायल सुरक्षा कारणों से रोक दिया है। वहीं फॉर्मा कंपनी एली लिली ने भी कोरोना के एंटीबॉडी उपचार संबंधी ट्रायल को रोक दिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ब्रिटेन की वैक्सीन टास्कफोर्स की हेड केट बिंघम का कहना है कि क्रिसमस से पहले वैक्सीन आने की संभावना है लेकिन बहुत कम। ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन आखिरी चरण के ट्रायल में है। अबतक के ट्रायल में यह अन्य वैक्सीन की तुलना में सुरक्षित और कारगर पाई गई है। ब्रिटेन के अलावा अमेरिका, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में करीब 30 हजार लोगों पर इसका ट्रायल किया जा रहा है। वैज्ञानिक वैक्सीन की डोज के बाद इससे पैदा हुई एंटीबॉडी की वैधता की भी जांच करेंगे।