लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी ने वैश्विक स्तर पर हर उम्र के लोगों की सेहत को प्रभावित किया है। युवा आबादी भी इसका तेजी से शिकार होती जा रही है। युवाओं में बढ़ती डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या तो विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी ही हुई है, इसके साथ-साथ दुनियाभर में युवाओं में बढ़ती टेक्स्ट नेक बीमारी को लेकर भी अलर्ट किया जा रहा है। ये समस्या न सिर्फ असहनीय दर्द का कारण बनती है साथ ही कई अन्य प्रकार की असहजताओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
Text Neck Syndrome: क्या है 'टेक्स्ट नेक' जिसका युवाओं में बढ़ गया है खतरा, मोबाइल चलाते हैं तो हो जाएं सावधान
दुनियाभर में युवाओं में बढ़ती टेक्स्ट नेक बीमारी को लेकर अलर्ट किया जा रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि 73% विश्वविद्यालय के छात्रों और 64.7% लोग जो वर्क फ्रॉम होम करते हैं, वो इसका शिकार हो सकते हैं। आखिर क्या है ये समस्या?
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टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के बारे में जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेक्स्ट नेक सिंड्रोम एक नया टर्म है, इसे टेक नेक या स्मार्टफोन नेक के नाम से भी जाना जाता है। लंबे समय तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल फोन-कंप्यूटर को आगे की तरफ झुककर देखते रहने के कारण गर्दन पर अतिरिक्त दबाव और तनाव बढ़ जाता है जिसके कारण आपको ये दिक्कत हो सकती है। सरल भाषा में समझें तो टेक्स्ट नेक की दिक्कत तब होती है जब आप स्क्रीन को देखने के लिए सिर आगे और नीचे की ओर झुकते हैं और इसके कारण गर्दन और रीढ़ पर बार-बार तनाव बढ़ता है।
तटस्थ स्थिति में मानव सिर का वजन 10-12 पाउंड (साढ़े चार से पांच किलो) के बीच होता है लेकिन आगे की ओर झुकने पर यह वजन बढ़ जाता है जिससे गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ने लगता है।
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है ये समस्या?
साल 2018 में किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि 35 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता टेक्स्ट नेक सिंड्रोम से पीड़ित हो सकते हैं। एक अन्य शोध के मुताबिक 15-18 वर्ष की आयु वाले लोग जिनका स्मार्टफोन पर अधिक समय बीतता है उनमें इस समस्या के विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के कारण गर्दन, पीठ के ऊपरी हिस्से और कंधे में दर्द बना रहता है।
गर्दन में लगातार या रुक-रुक कर होने वाला दर्द टेक्स्ट नेक के मुख्य लक्षणों में से एक है। पीठ में दर्द, विशेष रूप से कंधे की हड्डियों के बीच वाले हिस्से और गर्दन की मांसपेशियों में अकड़न की समस्या को इसका लक्षण माना जा सकता है जिसको लेकर सभी लोगों को विशेषरूप से ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है।
समय पर उपचार न होने से बढ़ सकती हैं दिक्कतें
इस तरह की समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना और उपचार प्राप्त करना जरूरी हो जाता है। इलाज न हो पाने की स्थिति में गर्दन में होने वाला दर्द आसपास की मांसपेशियों को भी प्रभावित करने लगता है। पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों में असंतुलन होने का खतरा भी बढ़ जाता है, इसके साथ आपको कुछ समय के लिए भी गर्दन को एक मुद्रा में रखने में कठिनाई महसूस हो सकती है।
टेक्स्ट नेक सिंड्रोम की समस्या समय के साथ आपकी 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है।
क्या इससे बचाव किया जा सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेक्स्ट नेक की समस्या से बचे रहने के लिए सभी लोगों को प्रयास करते रहना चाहिए। चूंकि युवा लोग फोन से अधिक लगे रहते हैं इसलिए युवाओं को और भी सावधान रहना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते समय अपनी शारीरिक मुद्रा को ठीक रखना, गर्दन को बहुत आगे की तरफ न झुकाना जरूरी है।
- डिवाइस को आंखों के स्तर पर रखें, जिससे गर्दन को ज्यादा झुकाना न पड़े।
- गर्दन और कंधों को स्ट्रेच करने और आराम देने के लिए बार-बार ब्रेक लें।
- लैपटॉप स्टैंड और फोन होल्डर आदि के इस्तेमाल से भी टेक्स्ट नेक सिंड्रोम से बचा जा सकता है।
सबसे जरूरी बात यदि आपको कुछ समय से गर्दन या पीठ में दर्द बना रहता है तो इसे अनदेखा न करें और डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।