डायबिटीज दुनियाभर में बड़ी आबादी को प्रभावित करने वाली समस्या है, जिसका खतरा सभी उम्र वालों में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आनुवांशिकता और मेटाबॉलिक समस्याओं के अलावा लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण भी इसका जोखिम बढ़ता देखा जा रहा है। अगर आपके परिवार में किसी को पहले से ये बीमारी रही है तो और भी सतर्क हो जाने की आवश्यकता है।
Diabetes: डायबिटीज रोगियों को कौन से फल खाने चाहिए, कौन से नहीं?
डायबिटीज में कौन से फल न खाएं?
डायबिटीज में उन फलों-खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।
वैसे तो फल हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। लेकिन कुछ फलों में प्राकृतिक रूप से शर्करा भी अधिक होती है जिससे शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। उदाहरण के लिए एक सामान्य आकार के आम में 46 ग्राम तक प्राकृतिक शर्करा हो सकती है। अपने वजन को नियंत्रित बनाए रखने और शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने के लिए आम के अधिक सेवन से बचा जाना चाहिए।
ये फल भी हो सकते हैं नुकसानदायक
आम की ही तरह से अंगूर और चेरी जैसे फलों के अधिक सेवन से भी शुगर का स्तर बढ़ने खतरा हो सकता है। एक कप अंगूर में लगभग 23 ग्राम शर्करा होती है।
इसी तरह से चेरी खाने से भी शुगर का लेवल बढ़ने का खतरा हो सकता है। इसके एक कप में 18 ग्राम चीनी होती है। गर्मियों में लोगों का पसंदीदा तरबूज भी रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी का कारण हो सकता है।
डायबिटीज वाले के लिए फायदेमंद फल
डायबिटीज रोगियों को हमेशा उन फलों का चयन करना चाहिए जिनमें शुगर का स्तर और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। एवोकाडो खाना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। एक सामान्य आकार वाले एवोकाडो में केवल 1.33 ग्राम चीनी होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से इस फल का सेवन करते हैं उनका शुगर लेवल तो कंट्रोल रहता ही है साथ ही इससे हृदय स्वास्थ्य को भी विशेष लाभ मिल सकता है।
ये फल खाना भी अच्छा विकल्प
एवोकाडो के अलावा मधुमेह रोगियों के लिए जिन अन्य फलों को लाभकारी माना जाता है उनमें अमरूद और पपीता शामिल हैं। अमरूद में लगभग 5 ग्राम शर्करा और लगभग 3 ग्राम फाइबर होता है।
मधुमेह रोगियों के लिए अमरूद का सेवन करना कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। इसी तरह से आप आहार में पपीते को शामिल करके भी स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। इसमें फाइबर तो होता ही है साथ ही पपीते में मौजूद पपेन नामक एंजाइम को कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाने वाला भी पाया गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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