शरीर में खून की कमी कई गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है। खून की कमी यानी की एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन ले जाने के लिए वाली लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है। एनीमिया को हीमोग्लोबिन की कमी के तौर पर भी जाना जाता है, भारतीय महिलाओं में यह स्थिति काफी सामान्य देखी गई है। खून की कमी होने के कारण आप थका हुआ और कमजोर महसूस करने लगते हैं। एनीमिया अस्थायी या दीर्घकालिक और हल्के से लेकर गंभीर लक्षणों वाला हो सकता है। इसके लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Health Tips:. ये हैं प्रमुख कारण जिनकी वजह से हो सकती है खून की कमी, ऐसे कर सकते हैं आसानी से पूर्ति
आहार में पोषक तत्वों की कमी
जिन लोगों के दैनिक आहार में आयरन, विटामिन बी-12, फोलेट और कॉपर जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं होती है, उनमें आयरन की कमी होने का खतरा अधिक हो सकता है। ये सभी पोषक तत्व शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को स्वस्थ और पौष्टिक चीजों के सेवन पर जोर देते हैं। आहार को ठीक रखकर इस तरह की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
मासिक धर्म और गर्भावस्था
सामान्यतौर पर मासिक धर्म के दौरान शरीर से निकलने वाले खून और गर्भावस्था की कुछ जटिलताओं के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। मासिक धर्म के दौरान लाल रक्त कोशिकाओं में कमी आना स्वाभाविक होता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के फोलिक एसिड और आयरन के साथ मल्टीविटामिन आदि न लेने से भी एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर आपकी स्थिति के आधार पर इन मल्टीविटामिन्स के सेवन की सलाह देते हैं।
कुछ प्रकार की बीमारियां
जिन लोगों में आंतों से संबंधित समस्या जैसे क्रोहन या सीलिएक डिजीज आदि की समस्या होती है, ऐसे लोगों में भी एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा डायबिटीज, कैंसर, किडनी फेलियर जैसी समस्याएं भी एनीमिया का कारण बन सकती हैं। ये स्थितियां शरीर में आयरन की मात्रा को कम कर देती हैं जिसके करण एनीमिया हो जाता है। यदि आपके परिवार में किसी को एनीमिया की दिकक्त रही हो तो आपमें भी इसका जोखिम हो सकता है।
कैसे दूर करें खून की कमी
शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मीट, बीन्स, दाल और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। हरी पत्तेदार सब्जियों, हरी मटर, राजमा, मूंगफली आदि में फोलेट की मात्रा होती है जो एनीमिया से आपको बचाने में सहायक है। विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मांस, डेयरी उत्पाद और साबुत अनाज का भी सेवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।