मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना आप अपने फिजिकल हेल्थ को ठीक रखने के लिए प्रयास करते रहते हैं। हालांकि नकारात्मक परिस्थितियों, खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण लोगों में स्ट्रेस-एंग्जाइटी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं।
Mental Health: क्या आप भी अक्सर चिंता-तनाव से रहते हैं परेशान? जानिए इसका कारण और बचाव के तरीके
क्या आप भी बार-बार होने वाले तनाव और चिंता (स्ट्रेस और एंग्जाइटी) से परेशान हैं। अगर हां तो इसे अनदेखा न करें। मेंटल हेल्थ की ये समस्या कई बार गंभीर दिक्कतों जैसे डिप्रेशन आदि का खतरा भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
तनाव-चिंता का खतरा
तनाव-चिंता होने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन होने को इसका प्रमुख कारण माना जाता रहा है। इसके अलावा कुछ प्रकार की पर्यावरणीय स्थितियां जैसे जीवन में घटी घटनाएं (किसी प्रियजन की मृत्यु या दुर्घटना) चिंता विकार को जन्म दे सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपके परिवार में पहले से किसी को चिंता-तनाव की बीमारी रही है, तो आनुवंशिक रूप से अन्य सदस्यों में भी इसका जोखिम हो सकता है। इसलिए गंभीरता से इसपर ध्यान देना और बचाव के उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है।
बहुत ज्यादा कैफीन का तो नहीं करते हैं सेवन?
अत्यधिक कैफीन के सेवन (चाय-कॉफी) को कई प्रकार से सेहत के लिए हानिकारक माना जाता रहा है। कैफीन की अधिक मात्रा चिंता के लक्षणों को भी बढ़ा सकती है। शोधकर्ता बताते हैं, कैफीन की अधिकता केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने वाली हो सकती है। इसके अलावा कैफीन हृदय गति और रक्तचाप को भी बढ़ा देती है, जिससे चिंता के लक्षण और भी बदतर हो सकते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका कम से कम सेवन करने की सलाह देते हैं।
नकारात्मक सोच एक बड़ा कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, तनाव बढ़ने का एक बड़ा कारण नकारात्मक सोच भी है। लगातार नकारात्मक विचार और आत्म-संदेह की भावना चिंता के प्रमुख कारणों में से हैं। चीजों को सकारात्मक रूप से देखना शुरू करें। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेने से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, जिससे तनाव और चिंता बढ़ सकती है।
जीवनशैली में कुछ प्रकार के बदलावों की मदद से आप इन समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
तनाव-चिंता से बचे रहने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।
- पोषक तत्वों की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। पौष्टिक चीजों का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम न करने से तनाव और चिंता के स्तर में वृद्धि हो सकती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें, जैसे योग, दौड़ना या तैराकी।
- ध्यान और गहरी सांस लेने की तकनीकों से मन को शांति प्राप्त होती है और चिंता कम होती है।
- कैफीन और अल्कोहल का सेवन कम कर दें। इनका अधिक सेवन चिंता के लक्षणों को बढ़ा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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