शरीर के हर अंग को काम करने के लिए निरंतर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सांस के जरिए हमारे फेफड़ों में पहुंची ऑक्सीजन वहां से खून में मिलती है और खून के माध्यम से दिमाग, हृदय, मांसपेशियों और शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचती है। जब किसी कारण से खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है, तो ये स्थिति सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है। खून में ऑक्सीजन के कम होने को मेडिकल की भाषा में हाइपोक्सीमिया कहा जाता है।
Low Oxygen Level: केवल सांस फूलना ही नहीं, ये संकेत भी बताते हैं शरीर में ऑक्सीजन हो रही है कम
शरीर के हर अंग को सही तरीके से काम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऑक्सीजन कम होने पर सांस फूलना, बेचैनी, होंठ नीला पड़ने या अत्यधिक कमजोरी जैसे संकेत दिख सकते हैं। आइए जानते हैं कि ऑक्सीजन का सामान्य स्तर क्या है और इसके कम होने के क्या कारण हो सकते हैं?
ऑक्सीजन की कमी-हाइपोक्सीमिया
शरीर में ऑक्सीजन की स्थिति कैसी है, इसे जानने के लिए आमतौर पर पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल किया जाता है।
- स्वस्थ लोगों में ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO₂) सामान्यतः 95 से 100 प्रतिशत के बीच रहता है।
- लेकिन फेफड़ों या हृदय की कुछ बीमारी वाले लोगों में सामान्य स्तर अलग हो सकता है।
- शरीर में ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा कमी होने पर गंभीर स्थिति में होंठ या त्वचा का नीला पड़ने लगता है और बेहोशी तक हो सकती है।
यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि कुछ मामलों में ऑक्सीजन कम होने के बावजूद लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते, इसलिए केवल बाहरी लक्षणों के आधार पर ऑक्सीजन का स्तर सामान्य मान लेना सही नहीं है।
ऐसे में सवाल ये है कि शरीर में ऑक्सीजन कम होने पर कौन से संकेत सबसे पहले दिखाई देते हैं?
सांस फूलना और सांस लेने में परेशानी
ऑक्सीजन कम होने पर सांस फूलना सबसे आम संकेतों में से एक है। आपको ऐसा लग सकता है कि सांस के लिए पर्याप्त हवा नहीं मिल रही है या पूरी सांस लेने के लिए बार-बार गहरी सांस लेनी पड़ रही है।
- कुछ लोगों में थोड़ी-सी शारीरिक गतिविधि के बाद ही सांस बहुत तेज चलने लगती है, जबकि गंभीर स्थिति में आराम करते समय भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
- हालांकि सांस फूलना केवल कम ऑक्सीजन का संकेत नहीं है। एनीमिया, चिंता, मोटापा, हृदय रोग और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसा हो सकता है।
- इसलिए अचानक शुरू हुई या लगातार बढ़ रही सांस की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
होंठ, नाखून या त्वचा का नीला पड़ना
ऑक्सीजन की गंभीर कमी में होंठ, नाखून या त्वचा नीली या नीली-सी दिखाई दे सकती है। इस स्थिति को सायनोसिस कहा जाता है। यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
- अगर होंठ या चेहरा नीला पड़ने लगे और साथ में सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो इसे आपात स्थिति मानना चाहिए। ऐसे समय घर पर तुरंत ऑक्सीमीटर की रीडिंग देखें और अगर ये 90 से कम हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
बेचैनी और भ्रम की समस्या
ऑक्सीजन कम होने की वजह क्या हो सकती है?
ऑक्सीजन की कमी होने पर शरीर इसकी भरपाई करने के लिए दिल की धड़कन और सांस लेने की गति बढ़ा देता है। इसलिए आपको धड़कनों में तेजी, बेचैनी या घबराहट जैसा महसूस हो सकता है। अगर इसके साथ सांस फूलने, सीने में दर्द या कमजोरी भी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी होने पर मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर चक्कर आने, ध्यान लगाने में परेशानी, भ्रम, असामान्य व्यवहार या अत्यधिक कमजोरी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो ऑक्सीजन लेवल कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर निमोनिया, अस्थमा, सीओपीडी, फेफड़ों में संक्रमण वाले लोगों में लो ऑक्सीजन की दिक्कत रहती है। इसके अलावा हृदय की कुछ बीमारियां, सांस लेने में रुकावट, फेफड़ों में रक्त का थक्का बनने और अधिक ऊंचाई पर जाने से भी ऑक्सीजन स्तर को प्रभावित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको शरीर में असामान्य बदलाव दिख रहा है या फिर बताए गए लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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