देशभर में पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2.47 लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा मई 2020 के बाद से सबसे अधिक है। पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर अब 13 फीसदी के ऊपर चली गई है। कोरोना के इस तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक लगातार लोगों से बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक मिल चुकी है, उन्हें भी बचाव के उपायों को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए अच्छे तरीके से और कसे हुए मास्क पहनकर रखना सभी लोगों के लिए आवश्यक है।
जानना जरूरी: क्या लगातार मास्क पहनने से शरीर में बढ़ जाता है CO2 का स्तर? सीडीसी ने इस बारे में किया अलर्ट
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वायरल हो रहा है यह वीडियो
#WATCH "...I am saying as an MBBS doctor that there should not be prolonged mask usage. One should wear a mask in crowds. There is no need to panic during this third wave of COVID19...": Dr. Irfan Ansari, Congress MLA from Jamtara, Jharkhand yesterday pic.twitter.com/NyNvMdFxtl
सोशल मीडिया पर इसी से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें झारखंड के जामताड़ा के कांग्रेस विधायक, जो एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं, कहते दिख रहे हैं कि लंबे समय तक मास्क पहने रहने से शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। इस वीडियो के बाद से लोगों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि क्या लगातार मास्क पहने रहना नुकसानदायक हो सकता है? आइए इस बारे में डॉक्टर्स से जानते हैं।
मास्क को लेकर क्या है विशेषज्ञ की राय?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विवेक सहाय कहते हैं, कोरोना के खतरे से सुरक्षित रहने के लिए मास्क पहनना सबसे बेहतरीन उपायों में से एक माना जाता रहा है। मास्क पहनने से सांस लेने में कोई समस्या नहीं आती है, बल्कि यह छींकने-खांसने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स को बाहर जाने या फिर सांस के माध्यम से वायरस के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का सबसे अच्छा साधन माना जाता है। चूंकि यह सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करता है ऐसे में इससे शरीर में कार्बन-डाई ऑक्साइड बढ़ने जैसा खतरा होना, महज एक अपवाह है, लोगों को इसपर ध्यान नहीं देना चाहिए।
सीडीसी ने कहा- अफवाहों में न आएं
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि मास्क पहनने से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) बढ़ने जैसी बात बिल्कुल गलत है। लोगों को इस तरह के अफवाहों के चक्कर में नहीं आना चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना बहुत आवश्यक है, इसकी क्वालिटी और फिटिंग पर भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्लॉथ मास्क और सर्जिकल मास्क की तुलना में एन-95 मास्क को ज्यादा कारगर माना जाता है, यह वायरस के प्रवेश को रोकने में ज्यादा असरदार हो सकता है। इसके अलावा कई अध्ययनों में लोगों को डबल मास्किंग की भी सलाह दी जाती रही है।
मास्क की फिटिंग का रखें खास ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क पहनने के समय सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह चेहरे पर अच्छी तरह से फिट हो और नाक-मुंह को अच्छे से कवर करता हो। नाक या मुंह से नीचे मास्क पहनने का कोई मतलब नहीं है। जिन इलाकों में कोरोना के मामले ज्यादा हैं या यदि आप स्वयं कोरोना से संक्रमित हैं तो एन-95 मास्क या डबल मास्किंग को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
Your Guide to Masks
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।