दुनियाभर के लिए कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट इस समय बड़ी मुसीबतों का कारण बना हुआ है। इस वेरिएंट की संक्रामकता की दर काफी अधिक बताई जाती है, यही कारण है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके प्रसार को रोकने वाले उपायों की खोज करने में लगे हुए हैं। कोरोना वायरस के मूलरूप से अलग इस वेरिएंट में 35 से अधिक म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो इसे वैक्सीन से शरीर में बनीं प्रतिरक्षा को भी आसानी से चकमा देने के योग्य बनाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस खतरे से बचे रहने के लिए सभी लोगों को लगातार बचाव के उपाय करते रहने चाहिए।
Omicron Symptoms: संक्रमितों को हो रही है पेट की यह समस्या, डेल्टा से बिल्कुल अलग लक्षण भी सामने आए
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संक्रमितों में हो सकते हैं कई तरह के लक्षण
अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने एक रिपोर्ट में बताया कि कोरोना संक्रमितों में लक्षणों की एक विस्तृत श्रृंखला हो सकती है। इसके बारे में विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण रोग के मामले भले ही हल्के देखे जा रहे हैं, फिर भी इसको लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कई लोगों में यह वेरिएंट भी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकता है। कुछ रोगियों में संक्रमण के दौरान डायरिया के लक्षण भी देखने को मिले हैं, डेल्टा संक्रमण के समय में यह लक्षण असामान्य माने जाते थे।
संक्रमितों को दस्त और पेट की समस्या
एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ओमिक्रॉन संक्रमितों को दस्त की समस्या हो रही है। एनबीसी शिकागो की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, उनमें इस तरह की समस्या अधिक देखी जा रही है। जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से संक्रमित 20 फीसदी लोगों को डायरिया के लक्षणों का अनुभव हो सकता है। यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि हमें सिर्फ थकान, सांस लेने में समस्या, मांसपेशियों और शरीर में दर्द या गले में खराश को ही कोरोना का लक्षण मानकर नहीं चलना चाहिए। इसके अन्य लक्षणों के बारे में भी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
ओमिक्रॉन संक्रमितों को हो रही हैं कई तरह की दिक्कतें
इससे पहले जो-कोविड के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के कुछ लक्षणों के बारे में बताया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि नाक बहना, सिरदर्द, थकान, छींक आना और गले में खराश की समस्या अब भी कोरोना के शीर्ष पांच लक्षण हैं। वहीं ओमिक्रॉन के संक्रमण की स्थिति में लोगों को गले में खरोंच के साथ दर्द और रात के समय अधिक पसीना आने की समस्या हो रही है। वैज्ञानिकों ने आगाह करते हुए बताया था कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट किसी को भी संक्रमित कर सकता है, ऐसे में इससे बचाव के लिए लोगों को पहले से अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
लैंसेट के अध्ययन में क्या पता चला?
वहीं कोविड के लक्षणों के बारे में अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने कुछ अन्य संकेतों को लेकर भी लोगों को सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी है। लैंसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, कोरोना संक्रमित 24 प्रतिशत रोगियों को भूख न लगने, 18 फीसदी रोगियों को मतली-एसिड रिफ्लक्स और 14 फीसदी लोगों को पेट में सूजन जैसी दिक्कतें भी हो रही हैं। कुछ रोगियों को बीमारी से ठीक होने के बाद भी इस तरह के लक्षण बने रहने की समस्या हो रही है। फिलहाल हमें यह देखते हुए चलना होगा कि कोरोना वायरस शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है, उसके आधार पर इसके लक्षण भी भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
most common signs of Omicron symptoms
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