अच्छी सेहत के लिए किस तरह का खान-पान ज्यादा फायदेमंद है, शाकाहारी या मांसाहारी? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में बना रहता है। हालांकि इसको लेकर किए गए अध्ययनों में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि पौधों पर आधारित खानपान कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत को लाभ पहुंचाने वाले हो सकते हैं। जबकि कुछ अन्य रिपोर्ट्स कहती हैं, पशुओं पर आधारित खानपान से शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व आसानी से प्राप्त किए जा सकते है।
सेहत की बात: शाकाहारी लोग ध्यान दें, कहीं आपमें भी तो नहीं है इन पोषक तत्वों की कमी?
शाकाहारी डाइट को हेल्दी माना जाता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपका भोजन संतुलित है। डाइट में विटामिन बी12, आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी, जिंक, प्रोटीन और ओमेगा-3 पर खास ध्यान देना चाहिए जरूरी है। पूरी तरह पौधों-आधारित डाइट में बी12 और कुछ अन्य पोषक तत्वों की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
विटामिन बी12 पर ध्यान देने की जरूरत
विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। यह प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
- दूध और अंडा से भी इसकी कुछ मात्रा प्राप्त की जा सकती है। लेकिन पूरी तरह वीगन डाइट में लेने वालों में इसकी कमी का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों में विटामिन बी12 की कमी के कारण नसों और याददाश्त से संबंधित समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
आयरन और कैल्शियम की कमी का खतरा
- दाल, चना-राजमा, हरी सब्जियां, मेवे और सीड्स आयरन के अच्छे पौध-आधारित स्रोत हैं। लेकिन पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में मांस से मिलने वाले आयरन की तुलना में आसानी से अवशोषित नहीं होता है। ऐसे में भोजन के साथ विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ लेना जरूरी है, जिससे आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद मिल सके।
- शाकाहारी और वीगन लोग जो दूध-दही का सेवन नहीं करते हैं उनमें कैल्शियम की कमी का खतरा हो सकता है । कैल्शियम से भरपूर फोर्टिफाइड सोया या दूसरे पौध-आधारित दूध, कैल्शियम-सेट टोफू और कुछ हरी सब्जियां इसका विकल्प हो सकती हैं। विटामिन डी और आयोडीन की पर्याप्त मात्रा भी जरूरी है। पूरी तरह पौध-आधारित डाइट में इनकी कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
प्रोटीन, जिंक और ओमेगा-3 भी जरूरी
सिर्फ फल-सब्जियां खाने से संतुलित डाइट नहीं बनती। दाल, चना, राजमा, सोया, टोफू, मेवे और सीड्स को भी भोजन में शामिल करना जरूरी है। जिंक के लिए दालें, बीज और मेवे फायदेमंद हैं। ओमेगा-3 के लिए अलसी, चिया, अखरोट और कुछ वनस्पति तेल लिए जा सकते हैं। अच्छी तरह व्यवस्थि शाकाहारी डाइट से पोषण की जरूरत पूरी की जा सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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