Cancer Vaccine: कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बीमारी है। इस रोग के कारण हर साल सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2022 में कैंसर से एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई, समय के साथ ये खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
Cancer Prevention: कैंसर से बचाव का सुरक्षा कवच, जानिए कौन-कौन से कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध हैं
- कम उम्र से ही खान-पान को ठीक रखना, धूम्रपान-शराब से दूरी और प्रदूषण जैसे कारकों से बचाव आवश्यक है। इसके अलावा कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन्स भी उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं वैक्सीन से किन-किन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है?
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पहले कैंसर के बारे में जान लीजिए
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर की कोशिकाओं के असामान्य वृद्धि के कारण होती है। लाइफस्टाइल और पर्यावरणीय स्थितियां इसके खतरे को बढ़ाती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही खान-पान को ठीक रखना, धूम्रपान-शराब से दूरी और प्रदूषण जैसे कारकों से बचाव आवश्यक है। इसके अलावा कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन्स भी उपलब्ध हैं।
आइए जानते हैं वैक्सीन से किन-किन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है?
सर्वाइकल-गुदा और ओरल कैंसर से बचाव
सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) है। यह एक बहुत ही सामान्य यौन संचारित संक्रमण है। एचपीवी के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से कुछ विशेष प्रकार (जैसे HPV 16 और 18) कैंसर का कारण बन सकते हैं। इन वायरस से बचाव के लिए, लड़कियों को कम उम्र में एचपीवी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। यह टीका इस कैंसर को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
यह वायरस सर्वाइकल, गुदा और ओरल कैंसर का कारण बन सकता है। एचपीवी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन एक प्रभावी तरीका है। एचपीवी वैक्सीन संबंधित कैंसर के जोखिम को 80%-90% तक कम कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यौन संपर्क से पहले वैक्सीनेशन सबसे अधिक प्रभावी होता है और इसे आमतौर पर 9 वर्ष की आयु से लगाया जा सकता है।
लिवर कैंसर से बचाव के लिए हेपेटाइटिस का टीका
हेपेटाइटिस-बी एक खतरनाक वायरस है जो लिवर में सूजन और संक्रमण का कारण बनता है। यदि यह संक्रमण लंबे समय तक बना रहे, तो यह लिवर के कैंसर का कारण बन सकता है। हेपेटाइटिस-बी के लिए टीकाकरण, लिवर कैंसर के जोखिम को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। यह टीका सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है और विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो उच्च जोखिम में हैं।
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च अनुसार, हेपेटाइटिस-बी के टीके से लिवर कैंसर से बचाव हो सकता है।
कैंसर से बचाव के लिए रूस की प्रभावी वैक्सीन
हाल ही में, रूस के वैज्ञानिकों ने एक नई कैंसर वैक्सीन विकसित की है जिसे एंटरोमिक्स नाम दिया गया है। यह वैक्सीन mRNA तकनीक पर आधारित है और कैंसर उपचार के लिए डिजाइन की गई है। रूसी वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वैक्सीन के प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स में 100% सफलता प्राप्त हुई है, और यह अब उपयोग के लिए तैयार है। हालांकि, इसे व्यापक रूप से उपयोग में लाने के लिए नियामक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
यह वैक्सीन कोलोरेक्टल कैंसर, ग्लियोब्लास्टोमा (ब्रेन कैंसर), और मेलेनोमा जैसे कैंसर प्रकारों के लिए विकसित की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कैंसर से बचाव में कुछ टीके मददगार हो सकते हैं। इनका समय पर उपयोग कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। एचपीवी और हेपेटाइटिस-बी जैसी वैक्सीन्स पहले से ही उपलब्ध हैं और इनका उपयोग व्यापक रूप से किया जा रहा है। अपने डॉक्टर से इसकी सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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