डॉ राजीव रंजन
देश में कोरोना का संकट कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि रोजोना संक्रमितों के आंकड़े साढ़े तीन लाख से पार जा रहे हैं। कोविड की दूसरी लहर इतनी भयावह है कि इसमें संक्रमण के चौथे-पांचवें दिन ही कई रोगियों की स्थिति गंभीर हो जा रही है। सरकार ने देश में वैक्सीनेशन अभियान को भले ही तेज कर दिया हो, लेकिन अभी भी सभी को टीका लगने में लंबा वक्त लगने वाला है। ऐसी स्थिति में लोग किसी ऐसे तरीके के बारे में जानना चाहते हैं जो उन्हें कोरोना के इस विकट समस्या से बचा सकें।
इस लेख में हम आपको विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा बताए गए एक ऐसे ही उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका उपयोग आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। इतना ही नहीं जो लोग संक्रमण से लड़ रहे हैं उनके लिए भी यह उपाय जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
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विशेषज्ञ ने दिया कोविड पर विजय पाने का मूलमंत्र, संक्रमितों के लिए 'जीवनरक्षक' साबित हो सकता है यह उपाय
Thu, 13 May 2021 12:03 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Thu, 13 May 2021 12:03 PM IST
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कोरोना से जंग होगी आसान
- फोटो : iStock
संक्रमण से ठीक हो चुके डॉक्टर ने बताई अपनी कहानी
- फोटो : Social media
कोविड को मात देने वाले डॉक्टर ने बताई अपनी कहानी
अमर उजाला से बातचीत के दौरान दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन ने बताया कि पिछले दिनों वह और उनका परिवार भी कोरोना की चपेट में आ गया था। डॉ राजीव रंजन कहते हैं, "मुझे कोरोना के हल्के लक्षण थे, टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी मैनें अपने भीतर की सकारात्मकता को नहीं जाने दिया। मैने सोच लिया था कि मुझे ठीक होकर जल्द से जल्द काम पर वापस लौटना है। कोरोना के दौरान भी मैं लोगों से संपर्क में था और मरीजों का इलाज कर रहा था। सही तरीके से सही समय पर सही दवाइयों का सेवन करके मैं अब पूरी तरह से ठीक हूं।"
अमर उजाला से बातचीत के दौरान दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन ने बताया कि पिछले दिनों वह और उनका परिवार भी कोरोना की चपेट में आ गया था। डॉ राजीव रंजन कहते हैं, "मुझे कोरोना के हल्के लक्षण थे, टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी मैनें अपने भीतर की सकारात्मकता को नहीं जाने दिया। मैने सोच लिया था कि मुझे ठीक होकर जल्द से जल्द काम पर वापस लौटना है। कोरोना के दौरान भी मैं लोगों से संपर्क में था और मरीजों का इलाज कर रहा था। सही तरीके से सही समय पर सही दवाइयों का सेवन करके मैं अब पूरी तरह से ठीक हूं।"
सारा खेल सकारात्मकता का है
- फोटो : iStock
कोरोना पॉजिटिव हो जाएं लेकिन पॉजिटिविटी न छोड़ें
डॉ राजीव कहते हैं कि जिस दिन मेरी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई मैंने उसके बाद एक पल को भी खुद पर नकारात्मकता को हावी नहीं होने दिया। कोविड संक्रमण के दौरान शरीर के साथ आपको मन से भी इसका मुकाबला करना होता है। कोविड से ठीक होकर दोबारा अच्छी जिंदगी जीने का मूलमंत्र यही है कि आप भले ही कोरोना पॉजिटिव हो जाएं लेकिन अंदर की पॉजिटिविटी न छोड़ें।
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दिमाग पर नकारात्मकता को हावी न होने दें
- फोटो : PTI
लोग कर रहे हैं यह बड़ी गलती
डॉ राजीव कहते हैं कि सामान्य तौर पर जो लोग संक्रमित हो जाते हैं, वह अपने दिमाग पर नकारात्मकता को हावी कर लेते हैं, यहीं से वह लड़ाई में भी पीछे हो जाते हैं। कई लोगों की हालत कोरोना से कम, घबराहट और बुरे ख्यालों से ज्यादा खराब हो जाती है। आप संक्रमित हो गए हैं या अभी सुरक्षित हैं, दोनों ही स्थितियों में यह निर्णय कर लीजिए कि कोविड को हरा देंगें, यकीन मानिए कोरोना आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
डॉ राजीव कहते हैं कि सामान्य तौर पर जो लोग संक्रमित हो जाते हैं, वह अपने दिमाग पर नकारात्मकता को हावी कर लेते हैं, यहीं से वह लड़ाई में भी पीछे हो जाते हैं। कई लोगों की हालत कोरोना से कम, घबराहट और बुरे ख्यालों से ज्यादा खराब हो जाती है। आप संक्रमित हो गए हैं या अभी सुरक्षित हैं, दोनों ही स्थितियों में यह निर्णय कर लीजिए कि कोविड को हरा देंगें, यकीन मानिए कोरोना आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
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संक्रमण से मुकाबला बहुत मुश्किल नहीं
- फोटो : Amar Ujala
ये टिप्स हैं बेहद फायदेमंद
डॉ राजीव कहते हैं कि कोरोना संक्रमित होने के बाद मैंने अपने शौक की सारी चीजें की, जैसे किताबें पढ़ना, अच्छे गाने सुनना, फिल्में देखना आदि। जो लोग संक्रमित हो जाएं उन्हें बीमारी के बारे में सोचने से ज्यादा अपनी पसंद की चीजें करने पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करते-करते कैसे कोरोना का समय बीत जाएगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। इसके साथ समय पर दवाइयां लेते रहें, खान-पान अच्छा रखें, लक्षणों की जांच करते रहें। कोरोना से जंग इतनी भी मुश्किल नहीं है जितनी लोग सोच लेते हैं। सकारात्मक सोच ही फिलहाल इससे मुकाबले का सबसे बेहतर हथियार आपके पास है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन के कोरोना संक्रमण के उनके अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ राजीव कहते हैं कि कोरोना संक्रमित होने के बाद मैंने अपने शौक की सारी चीजें की, जैसे किताबें पढ़ना, अच्छे गाने सुनना, फिल्में देखना आदि। जो लोग संक्रमित हो जाएं उन्हें बीमारी के बारे में सोचने से ज्यादा अपनी पसंद की चीजें करने पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करते-करते कैसे कोरोना का समय बीत जाएगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। इसके साथ समय पर दवाइयां लेते रहें, खान-पान अच्छा रखें, लक्षणों की जांच करते रहें। कोरोना से जंग इतनी भी मुश्किल नहीं है जितनी लोग सोच लेते हैं। सकारात्मक सोच ही फिलहाल इससे मुकाबले का सबसे बेहतर हथियार आपके पास है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन के कोरोना संक्रमण के उनके अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।