एड्स की स्थिति का अर्थ है कि व्यक्ति वायरस से संक्रमित है। ये वायरस एचआईवी व्यक्ति के प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहद कमजोर हो जाती है और ठीक से काम नहीं कर पाती। ऐसे में, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण एड्स से पीड़ित व्यक्ति को अन्य बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ये जानकारी एड्स के बारे में थी लेकिन एड्स सिर्फ यौन संचरित संक्रमण से फैलने वाली बीमारी नहीं है। एड्स कई और कारणों से हो सकता है लेकिन एक खतरनाक बीमारी ऐसी भी है जो अधिकतर यौन संचरित संक्रमण से तेजी से फैल रही है। आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है ये बीमारी? और क्या है इसके लक्षण, कारण और इलाज?
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असुरक्षित यौन संबंधों से फैल रही है ये जानलेवा बीमारी, एड्स से भी है ज्यादा खतरनाक
Tue, 22 Oct 2019 06:26 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Tue, 22 Oct 2019 06:26 PM IST
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दरअसल, एड्स को लेकर तो जागरूकता धीरे-धीरे बढ़ रही है। यही नहीं एड्स जैसी बीमारी के बारे में बहुत हद तक लोग अलर्ट भी हुए हैं। लेकिन हाल ही में असुरक्षित यौन संबंधों के चलते एक ऐसी बीमारी फैल रही है जो जानेलवा है। एड्स की तरह इस दूसरी खतरनाक बीमारी की भी प्रमुख वजह असुरक्षित यौन संबंध है। आगे जानिए क्या है ये बीमारी?
क्या है सिफलिस
दरअसल, हम बात कर रहे हैं सिफलिस की। यह एक यौन संचरित संक्रमण है जो जीवाणु ट्रेपोनिमा पैलिडम उप-प्रजाति पल्लीडियम के कारण होता है।सिफलिस बीमारी यौन क्रिया के माध्यम से सबसे अधिक फैलती है।
दरअसल, हम बात कर रहे हैं सिफलिस की। यह एक यौन संचरित संक्रमण है जो जीवाणु ट्रेपोनिमा पैलिडम उप-प्रजाति पल्लीडियम के कारण होता है।सिफलिस बीमारी यौन क्रिया के माध्यम से सबसे अधिक फैलती है।
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कैसे पता चलता है आपको सिफलिस है?
किसी भी पैथोलॉजी या स्वास्थ्य क्लिनिक में किए गए रक्त परीक्षण से आसानी से सिफलिस का पता लगाया जा सकता है।
किसी भी पैथोलॉजी या स्वास्थ्य क्लिनिक में किए गए रक्त परीक्षण से आसानी से सिफलिस का पता लगाया जा सकता है।
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- फोटो : social media
सिफलिस के लक्षण
सिफलिस का संक्रमण फैलने के तीन स्टेज होते हैं।
पहला चरण
प्राथमिक सिफलिस वाले लोगों में एक या अधिक घावों का विकास होता है। घाव आमतौर पर छोटे दर्द रहित अल्सर होते हैं। वे जननांगों पर या मुंह के आसपास कहीं भी संपर्क में आने के बाद 10-90 दिनों के बीच होते हैं। हालांकि उपचार के बिना ही वे छह हफ्ते के अंदर ठीक हो जाते हैं।
सिफलिस का संक्रमण फैलने के तीन स्टेज होते हैं।
पहला चरण
प्राथमिक सिफलिस वाले लोगों में एक या अधिक घावों का विकास होता है। घाव आमतौर पर छोटे दर्द रहित अल्सर होते हैं। वे जननांगों पर या मुंह के आसपास कहीं भी संपर्क में आने के बाद 10-90 दिनों के बीच होते हैं। हालांकि उपचार के बिना ही वे छह हफ्ते के अंदर ठीक हो जाते हैं।