भारत समेत दुनियाभर के कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे होनेवाली मौतों का आंकड़ा भी हर दिन बढ़ रहा है। राहत की बात यह है कि पहले से उपलब्ध दवाओं के जरिए बड़ी संख्या में मरीज ठीक होकर अस्पताल से घर लौट रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में फेबिफ्लू, डेक्सामेथासोन जैसी दवाएं भी आई हैं, जो कोरोना के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर इसकी वैक्सीन को लेकर भी अच्छी खबरें आ रही हैं। कोरोना की रफ्तार रोकने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी पहचान और जांच करना है। देश के सभी नागरिकों की जांच संभव नहीं है। ऐसे में लक्षणों के आधार पर तय किया जा रहा है कि किन लोगों की जांच की जाए। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से:
Coronavirus Symptoms: स्वास्थ्य मंत्रालय के बताए इन 11 लक्षणों से जानें आपको कोरोना है या नहीं
भारत में राहत की बात ये है कि यहां कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर भी तेजी से बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर समय के साथ कोरोना वायरस का म्यूटेशन भी होता रहा है यानी यह वायरस अपना रूप बदलता रहा है और इसी के साथ कोरोना संक्रमण के लक्षण भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी हो या ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी एनएचएस, सभी ने समय के साथ कोरोना के नए लक्षणों को इसमें जोड़ा है। भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना वायरस के 11 लक्षणों की सूची जारी की है।
कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना संक्रमण की शुरूआत में इसके चार ही लक्षण सामने आए थे। ये चार लक्षण थे,
- तेज बुखार
- सूखी खांसी,
- गले में खराश होना
- सांस लेने में तकलीफ होना
आइए, जानते हैं इसके नए लक्षणों में क्या-क्या शामिल किया गया है।
जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है, इसके लक्षणों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना के 11 लक्षणों को आधिकारिक तौर पर शामिल किया है। पूर्व के चार लक्षणों के अलावा ये नए लक्षण शामिल किए गए हैं
- बदन दर्द, सिर दर्द, थकान,
- ठंड लगना या ठिठुरना, उल्टी आना
- दस्त, बलगम में खून आना
- इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गंध या स्वाद महसूस न होने को भी कोरोना के प्रमुख लक्षणों में शामिल किया है। डब्ल्यूएचओ समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और चिकित्सक कोरोना वायरस के अन्य लक्षणों की पहचान और अध्ययन करने में जुटे हुए हैं। कोरोना वायरस का म्यूटेशन यानी रूप बदलना भी वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के लिए चुनौती बना हुआ है।