कैंसर, सबसे खतरनाक और घातक रोगों में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक हर साल दुनियाभर में 9.6 मिलियन (96 लाख, साल 2018 के आंकड़े) से ज्यादा लोगों की इस गंभीर रोग से मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक हर साल 0-19 साल की आयुवर्ग के तीन लाख से अधिक लोगों में तमाम प्रकार के कैंसर का निदान किया जा रहा है, जो गंभीर वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है। कैंसर का इलाज चूंकि महंगा और अपेक्षाकृत कठिन होता है, यही कारण है कि ज्यादातर लोगों में समय पर न तो इसका निदान हो पाता है और न ही इलाज। इसी समस्या को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने कैंसर के इलाज से संबंधित बड़ा खुलासा किया है।
अध्ययन: कैंसर रोगियों के लिए मिल गई बेहद असरदार दवा, अब तक मतली रोकने में होता रहा है इसका इस्तेमाल
कैंसर में डेक्सामेथासोन दवा के लाभ
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कैंसर के रोगियों को 'डेक्सामेथासोन' दवा देकर मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है। अध्ययन के दौरान रोगियों को सर्जरी के बाद और कीमोथेरेपी के दौरान डेक्सामेथासोन देने के प्रभावों को जानने की कोशिश की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि डेक्सामेथासोन दवा, नॉन-इम्यूनोजेनिक कैंसर (जो एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित नहीं करते हैं) जैसे कि सरकोमा, स्तन, गर्भाशय, अंडाशय, अन्नप्रणाली और थायरॉयड कैंसर वाले रोगियों की सर्जरी के बाद जीवनकाल को बढ़ाने में सहायक हो सकती है। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन रोगियों को कैंसर सर्जरी के बाद यह दवा नहीं दी गई उनमें से ज्यादातर की मौत हो गई।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 74,058 रोगियों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इन रोगियों की साल 2005 से 2020 के बीच नान-इम्यूनोजेनिक कैंसर ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी हुई थी। इनमें से 25,178 (34 प्रतिशत) रोगियों को सर्जरी के दौरान डेक्सामेथासोन दिया गया था। 90 दिनों के बाद, डेक्सामेथासोन प्राप्त करने वाले रोगियों में से 209 (0.83 प्रतिशत) की मृत्यु हो गई, जबकि जिन लोगों को यह दवा नहीं दी गई थी उनके मृत्यु का आंकड़ा 1,543 (3.2 प्रतिशत) था। इस आधार पर वैज्ञानिक इस दवा को कैंसर रोगियों की जान बचाने में फायदेमंद मान रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सेंटर फॉर एनेस्थीसिया रिसर्च एक्सीलेंस में निदेशक और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक मैक्सिमिलियन शेफ़र कहते हैं, डेक्सामेथासोन के प्रयोग को कैंसर में काफी लाभदायक पाया गया है, हालांकि इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है। डेक्सामेथासोन के प्रयोग के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव हो सकते हैं। यह कैंसर के विकास को रोकता जरूर है, लेकिन प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा भी सकता है। हमारे अध्ययन से यह पता चलता है कि कैंसर के जिस प्रकार में प्रतिरक्षा प्रणाली की ज्यादा भूमिका नहीं होता है उनमें डेक्सामेथासोन का अधिक लाभ हो सकता है।
क्या हैं अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में डॉ मैक्सिमिलियन शेफ़र कहते हैं, हमारे डेटा के आधार पर डॉक्टरों को नान-इम्यूनोजेनिक कैंसर की सर्जरी कराने वाले रोगियों को डेक्सामेथासोन देना चाहिए। यह न केवल मतली को कम करने में मदद करता है, साथ ही इसका परिणाम रोगियों के आगे के जीवनकाल पर भी देखने को मिल सकता है। इम्यूनोजेनिक कैंसर में इस दवा को किस प्रकार से प्रयोग में लाया जा सकता है, इस बारे में जानने के लिए विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।
--------------
स्रोत और संदर्भ:
Dexamethasone": This drug may help some cancer patients survive longer
अस्वीकरण नोट: यह लेख एनेस्थिसियोलॉजी 2021 की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। बिना डॉक्टरी सलाह के किसा भी दवा का सेवन न करें। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।