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Long Covid: संक्रमण से ठीक हो चुके अधिकतर लोगों के IQ में गिरावट, चीजों को याद रखना-तर्क करना हो गया मुश्किल

Tue, 05 Mar 2024 12:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 05 Mar 2024 12:21 PM IST
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Study says People who recovered from COVID-19 showed loss of cognitive ability IQ
कोरोना संक्रमितों में याददाश्त की दिक्कत - फोटो : istock

कोविड-19 के वैश्विक मामले भले ही अब काफी नियंत्रित देखे जा रहे हैं, पर संक्रमण का शिकार रहे लोगों में लॉन्ग कोविड का जोखिम अब भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। कोरोना को लेकर हुए कई शोध में बताया जाता रहा है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस ने शरीर को दीर्घकालिक रूप से कई प्रकार से क्षति पहुंचाई है। विशेषतौर पर हृदय, फेफड़ों की सेहत पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जाते रहे हैं।



हालिया अध्ययन में कोरोना के कारण मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं को लेकर भी अलर्ट किया जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, कोरोना संक्रमण का शिकार रहे कई लोगों को बीमारी से ठीक होने के बाद  संज्ञानात्मक क्षमता में कमी महसूस हो रही है।

हाल ही में प्रकाशित एक शोध में विशेषज्ञों की टीम ने बताया, जो लोग कोविड-19 से ठीक हो गए, उनमें एक साल बाद तक आईक्यू लेवल में कम से कम 3-पॉइंट तक की कमी देखी गई है। वैसे तो ये गिरावट ज्यादा  नहीं है पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि बड़ी आबादी में मस्तिष्क से संबंधित जोखिमों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में आई कमी का क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।

Study says People who recovered from COVID-19 showed loss of cognitive ability IQ
कोरोना का मस्तिष्क की क्षमता पर असर - फोटो : istock

कोरोना संक्रमितों की आईक्यू में गिरावट

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित इस शोध में बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के हल्के और गंभीर दोनों प्रकार के मामले वाले लोगों में संज्ञानात्मक गिरावट देखी जा रही है।

जिन लोगों में अधिक गंभीर लक्षण थे या फिर जिन्हें अस्पताल की इंटेंसिव केयर में इलाज की आवश्यकता थी, उनमें आईक्यू में 9-पॉइंट तक की कमी रिपोर्ट की गई है। संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में स्मृति, तर्क और परिस्थितियों से सहजता से निपटने की क्षमता कम हो गई है। 

Study says People who recovered from COVID-19 showed loss of cognitive ability IQ
मस्तिष्क पर कोरोना का असर - फोटो : istock

अध्ययन में क्या पता चला?

इंपीरियल कॉलेज लंदन में किए गए इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने आठ लाख वयस्क प्रतिभागियों को शामिल किया। प्रतिभागियों की बौद्धिक क्षमता की जांच के लिए उनका ऑनलाइन मूल्यांकन किया गया। कुल मिलाकर, 141,583 प्रतिभागियों ने कम से कम एक कार्य पूरा किया जबकि 112,964 ने सभी आठ कार्यों को ठीक तरीके से किया।

कोरोना का शिकार न रहे लोगों से किए गए तुलनात्मक अध्ययन में संक्रमितों में बौद्धिक क्षमता में कमी दर्ज की गई। जिन लोगों में जिस स्तर का संक्रमण था उनमें आईक्यू में उसी अनुपात में गिरावट दर्ज की गई है। 

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Study says People who recovered from COVID-19 showed loss of cognitive ability IQ
आईक्यू लेवल में कमी की समस्या - फोटो : Pixabay

हल्के स्तर के संक्रमण वालों में भी देखी जा रही है समस्या

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, जो लोग कोरोना के मूल वायरस या B.1.1.7 वैरिएंट से महामारी की शुरुआत में संक्रमित रहे उनमें बौद्धिक क्षमता में कमी की दिक्कत उन लोगों की तुलना में अधिक देखी गई है जो ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के दौरान संक्रमित रहे हैं। 

इसके अलावा जिन लोगों को दो या दो से अधिक टीके लगने के बाद कोविड-19 हुआ, उन्होंने उन लोगों की तुलना में बेहतर संज्ञानात्मक प्रदर्शन देखा गया है, जिन्हें टीका नहीं लगाया गया था।

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Study says People who recovered from COVID-19 showed loss of cognitive ability IQ
याददाश्त में गिरावट की दिक्कत - फोटो : Pixabay

क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने कहा, कोरोना वायरस ने कई प्रकार से संपूर्ण शरीर को क्षति पहुंचाई है। पोस्ट कोविड में ब्रेन फॉग से लेकर लोगों में संज्ञानात्मक गिरावट और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विकार भी देखे जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हल्के लक्षण वालों में खतरा नहीं है, कोरोना का किसी भी स्तर का संक्रमण लॉन्ग कोविड और इससे संबंधित जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आप संक्रमण के शिकार रहे हैं तो डॉक्टर से मिलकर संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच जरूर करा लेनी चाहिए, जिससे समय रहते जोखिमों का पता लगाकर उसका इलाज प्राप्त किया जा सके।



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स्रोत और संदर्भ
Cognition and Memory after Covid-19 in a Large Community Sample

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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