साइनस की बीमारी लोगों में काफी आम है, पर कुछ स्थितियों में ये जटिल समस्याओं का कारण बन सकती है। साइनस का संक्रमण होने की स्थिति में सांस लेने में दिक्कत से लेकर, दर्द, आंखों और चेहरे के आसपास सूजन जैसी समस्या हो सकती है। गंभीर स्थितियों में ये बीमारी कई प्रकार की अन्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन लोगों को साइनस का संक्रमण है उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
Sinusitis: वायरस-बैक्टीरिया के कारण होता है साइनस संक्रमण, क्या एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है ये बीमारी?
साइनोसाइटिस और इसके कारण होने वाले जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बैक्टीरियल-वायरल संक्रमण या फिर किसी एलर्जी के कारण साइनस में सूजन की दिक्कत हो सकती है। इस स्थिति में सूजन के साथ इनमें तरल पदार्थ भी भर जाते हैं। इससे आपके चेहरे पर दबाव और दर्द, नाक बंद होने और अन्य लक्षणों का खतरा हो सकता है।
साइनोसाइटिस की स्थिति में नाक से गाढ़ा पीला बलगम आने, नाक बहने की दिक्कत देखी जाती रही है। बंद नाक की समस्या के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। क्या साइनस का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है? आइए जानते हैं।
वायरल संक्रमण से साइनोसाइटिस
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, साइनस संक्रामक होता है या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करता है कि साइनोसाइटिस का कारण क्या है?
अधिकांश मामलों में साइनस का संक्रमण वायरस के कारण होता है। डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों को वायरल साइनोसाइटिस है उनसे इस रोग का कारण बनने वाले वायरस के फैलने का खतरा तो हो सकता है पर संक्रमण के प्रसार का जोखिम नहीं होता है। अधिकांश मामलों में इस प्रकार के वायरस के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है, पर जरूरी नहीं है कि इससे साइनस का संक्रमण हो ही।
साइनस का बैक्टीरियल संक्रमण
कभी-कभी जब साइनस में बलगम भर जाता और बैक्टीरिया पनप जाते हैं, इसके कारण भी संक्रमण होता है। यदि आपमें साइनस का संक्रमण 10-14 दिनों से अधिक समय तक बना रहता है तो आपको बैक्टीरियल साइनसाइटिस होने की अधिक आशंका होती है। बैक्टीरिया संक्रमण के प्रसार का खतरा कम होता है। साइनस की समस्या में इसके कारकों का प्रसार देखा जाता रहा है पर ये अन्य लोगों में संक्रमण का कारण बनेगा ये जरूरी नहीं है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के विशषज्ञ डॉ नवनीत प्रधान बताते हैं, साइनस को आमतौर पर संक्रामक रोग नहीं माना जाता है। हालांकि यदि आप वायरल साइनस संक्रमण के शिकार हैं, इस वायरस का प्रसार एक से दूसरे व्यक्ति में होने का खतरा हो सकता है, पर इससे दूसरों को साइनोसाइटिस हो ये जरूरी नहीं है।
साइनस के शिकार लोगों को समय रहते लक्षणों की पहचान करना और इसका उपचार किया जाना आवश्यक हो जाता है। साइनस का उपचार समय पर न होने से क्वालिटी ऑफ लाइफ भी प्रभावित हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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