स्ट्रोक, दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जानलेवा जोखिमों में से एक है। विशेषकर युवा आबादी में इसके बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह में बाधित हो जाता है। रक्त के माध्यम से ही मस्तिष्क कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलता रहता है। यदि इसमें कोई बाधा आ जाए तो जिन कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, उनके डेड होने का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लगभग सभी प्रकार के स्ट्रोक के 10 से 15 प्रतिशत मामले 18 से 50 वर्ष की आयु में होते हैं।
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स्ट्रोक के कारण होने वाली समस्याएं
जॉन्स हॉप्किंस के विशेष बताते हैं स्ट्रोक के कारण स्थाई विकलांगता होने का खतरा भी रहता है, यह इस पर निर्भर करता है कि मस्तिष्क में कितने समय तक रक्त प्रवाह की कमी होती है और कौन सा हिस्सा प्रभावित है। इसके कारण शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो सकता है या मांसपेशियों पर आप नियंत्रण खो सकते हैं। स्ट्रोक से पीड़ित कई लोगों को याददाश्त में कमी का भी अनुभव हो सकता है। सोचने, तर्क करने, निर्णय लेने और चीजों को समझने में कठिनाई हो सकती है।
इन सबसे भी बड़ा जोखिम आपको फिर से स्ट्रोक होने का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसके जोखिमों से बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना सबसे आवश्यक माना जाता है?
ब्लड प्रेशर-शुगर लेवल दोनों को रखें कंट्रोल
स्ट्रोक का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों में देखा जाता है, जिनका ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करना, सबसे महत्वपूर्ण है जो आपके स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए अस्वास्थ्यकर जीवनशैली में बदलाव और दवाओं का नियमित रूप से सेवन करना सबसे जरूरी है।
ब्लड प्रेशर की ही तरह शुगर को कंट्रोल करना भी आवश्यक है, इसके बढ़ने के कारण भी ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याएं होने लग जाती हैं।
आहार में कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेटेड फैट की मात्रा कम करें
स्ट्रोक के खतरे से बचाव के लिए जरूरी है कि आपका ब्लड प्रेशर-शुगर लेवल दोनों कंट्रोल रहे, और इसके लिए जरूरी है कि आप स्वस्थ और पौष्टक चीजों का सेवन करें। लो-कोलेस्ट्रॉल और लो-फैट वाली चीजों को खाने से धमनियों में जमाव कम हो सकता है। स्वस्थ भोजन करने से वजन को कंट्रोल बनाए रखना भी आसान होता है और यह स्ट्रोक के जोखिम कारकों से भी आपको सुरक्षित रखने में सहायक है।
नियमित रूप से व्यायाम जरूरी
एरोबिक व्यायाम को स्ट्रोक के खतरे को कम करने वाला पाया गया है। व्यायाम रक्तचाप को कम करता है, गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है और रक्त वाहिकाओं और हृदय के समग्र स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। यह आपको वजन कम करने, मधुमेह को नियंत्रित करने और तनाव के स्तर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।
रोजाना कम से कम 30 मिनट तक मध्यम शारीरिक गतिविधि जैसे वॉकिंग, जॉगिंग, तैराकी या साइकिल चलाने का अभ्यास करें। ये आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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