कोरोना संक्रमण पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी चिंता का कारण बना हुआ है। संक्रमण के कारण होने वाली जटिलताओं के साथ लॉन्ग कोविड भी एक बड़ा जोखिम रहा है, जिसका असर कई वर्षों तक भी बना रह सकता है। यहां तक कि एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि कोरोना के शिकार रहे कई लोगों में एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद अब भी स्वाद-गंध न आने की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा पोस्ट कोविड का खतरा फेफड़े, मस्तिष्क सहित कई अन्य अंगों पर भी देखा जा रहा है।
Covid-19: दुष्प्रभावों को लेकर बड़ी जानकारी, भले ही रहे हों हल्के लक्षण फिर भी इस रोग का खतरा, जरूर कराएं जांच
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मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन का जोखिम
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारत सहित दुनिया के कई देशों में कम उम्र के लोगों में संक्रमण के मामलों का निदान किया जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से इसमें कई लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना के हल्के लक्षणों के शिकार रहे थे और इसके बाद पहली बार उनमें हृदय रोगों की पुष्टि की गई है।
कोविड-19 से ठीक होने के बाद हार्ट अटैक के जोखिमों के बारे में पता लगाने के लिए इटली में एक अध्ययन किया गया, जिसमें पता चला कि संक्रमण से ठीक हुए कई रोगियों में मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन का जोखिम 93 फीसदी अधिक था।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि एक साल के दौरान कोविड-19 के शिकार रहे लोगों में, अन्य लोगों की तुलना में हृदय से संबंधित जटिलताओं का खतरा 63 प्रतिशत अधिक था। कोविड-19 के पॉजिटिव टेस्ट वाले प्रति 1,000 लोगों में कम से कम 45 में हृदय संबंधी समस्याएं- जैसे स्ट्रोक या हार्ट फेलियर का जोखिम देखा गया।
कोविड-19 के दीर्घकालिक हृदय संबंधी दुष्परिणामों का मूल्यांकन करने वाले अध्ययनों से पता चला कि यहां तक कि हल्के रोग वाले लोगों में भी संक्रमण के एक साल बाद तक हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।
रक्त की आपूर्ति हो सकती है बाधित
ह्यूस्टन में डेबेकी हार्ट एंड वैस्कुलर सेंटर द्वारा किए गए एक अन्य शोध में हृदय पर कोविड के दीर्घकालिक प्रभावों को जानने की कोशिश की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस वाहिकाओं और हृदय की मांसपेशियों दोनों को क्षति पहुंचाता है। इससे हृदय में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने का जोखिम भी अधिक हो सकता है। कोविड-19 के लगभग छह महीने बाद भी हृदय की छोटी वाहिकाओं में रक्त प्रवाह में गड़बड़ी पाई गई, जो कई प्रकार के रोगों को बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है।
हृदय की जरूर कराएं जांच
शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के दुष्प्रभावों को समझने के लिए ज्यादातर अध्ययनों में पाया गया है कि यह शरीर के लिए कई प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकती है, जिसमें हृदय रोगों का खतरा सबसे अधिक है। कोविड-19 से एक साल पहले ठीक हो चुके लोगों में सेरेब्रोवास्कुलर जटिलताओं, हृदय गति की असमानता, इंफ्लामेशन या इस्केमिक हार्ट डिजीज का खतरा हो सकता है। ऐसे में भले ही आपमें संक्रमण के दौरान हल्के स्तर के ही लक्षण रहे हों फिर भी एहतियातन हृदय की जांच करा लें और नियमित रूप से हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहें।
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स्रोत और संदर्भ
Heart-disease risk soars after COVID — even with a mild case
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