हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। अध्ययन की हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले एक दशक में 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्ट्रोक तब होता है जब किन्हीं कारणों से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है या फिर मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्ट्रोक को जानलेवा समस्या मानते हैं। वैश्विक स्तर पर हर साल लाखों लोगों की मौत स्ट्रोक के कारण हो रही है।
Stroke Risk: युवाओं में 15% तक बढ़ गया है स्ट्रोक का खतरा, आखिर क्या है इसकी वजह? आप भी रहें सावधान
स्ट्रोक का बढ़ता जोखिम
गौरतलब है कि साल 2006-2010 के बीच सभी आयु वर्ग में स्ट्रोक के मामलों में 3.7% की कमी देखी गई थी, हालांकि इसके बाद से इस तरह की जानलेवा घटनाओं के मामले लगातार बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। सीडीसी की कोमोरबिडिटी और मृत्यु दर की साप्ताहिक रिपोर्ट में प्रस्तुत किए गए स्ट्रोक के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।
सीडीसी ने बताया कि 1999-2000 से 2017-2018 तक पुरुषों में मोटापा 27.5% से बढ़कर 43% और महिलाओं में 33.4% से बढ़कर 41.9% हो गया। ये स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक हैं। इसके अलावा लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण भी स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी रिपोर्ट की जा रही है।
महिला-पुरुष दोनों को खतरा
अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में स्ट्रोक के मामलों में 9.3% और पुरुषों में 6.2% की वृद्धि हुई है। अध्ययन लेखकों ने कहा, स्ट्रोक से जुड़े जनसांख्यिकीय सहित अन्य कारकों की समय रहते पहचान करना और स्ट्रोक की रोकथाम के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। अमेरिका में स्ट्रोक मौत का पांचवां प्रमुख कारण है।
आइए जानते हैं कि किन कारणों से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है?
क्यों बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले?
पेन मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक उच्च रक्तचाप स्ट्रोक का प्रमुख जोखिम कारक है। रक्तचाप बढ़ने के कारण आपकी रक्त वाहिकाओं के भीतर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ने लगता है, इससे उनके टूटने और रक्तस्राव को खतरा हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को रक्तचाप को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती रही है।
उच्च रक्तचाप के अलावा डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
इन कारकों पर ध्यान देना भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया ऐसे कई कारक हैं जो स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाते हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना और इससे बचाव करते रहना भी जरूरी है।
- धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
- शराब पीने वालों में भी रक्तचाप और स्ट्रोक का जोखिम अधिक हो सकता है।
- संतृप्त वसा, नमक और चीनी का अधिक सेवन करना भी स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में स्ट्रोक होने और इससे मृत्यु का जोखिम अधिक होता है।
--------------
स्रोत और संदर्भ
Prevalence of Stroke — Behavioral Risk Factor Surveillance System
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।