वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी के चलते लोगों में स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की गंभीर समस्याएं देखने को मिली हैं। वायरस ने श्वसन तंत्र के साथ फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क, मानसिक स्वास्थ्य जैसी कई जटिलताओं को काफी बढ़ा दिया है। संक्रमण के साथ-साथ, ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहने वाली लॉन्ग कोविड की समस्याएं, स्वास्थ्य संगठनों और चिकित्सकों के लिए मुसीबत बढ़ा रही हैं। मौजूदा समय में दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। भारत में भी इन वैरिएंट्स ने एक बार फिर से संक्रमण के आंकड़ों को बढ़ा दिया है।
Covid-19: नए वैरिएंट्स से संक्रमण का संकेत हो सकते हैं ये अजीबो-गरीब लक्षण, अक्सर इन्हें कर दिया जाता है अनदेखा
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संक्रमण में आंखों की समस्याएं
कोरोना संक्रमण को भले ही मुख्यरूप से श्वसन तंत्र से जोड़कर देखा जाता रहा हो, पर इसके कारण आंखों से भी संबंधित दिक्कतों ने लोगों को परेशान किया है। कोरोना संक्रमण के दौरान कई लोगों में पिंक आइज, कंजक्टिवाइटिस और ड्राई आइज जैसी समस्याएं देखने को मिलती रही हैं। ड्राई आइज के लिए कोरोना महामारी के दौरान बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को जिम्मेदार माना जाता रहा है। संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर के दौरान लोगों में आंखों से संबंधित लक्षण अधिक देखे गए थे।
हृदय की समस्याएं
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही संक्रमितों में हृदय और फेफड़े से संबंधित कई तरह की समस्याएं देखी जाती रही हैं। इसमें लोगों में हृदय गति की अनियमितता की समस्या सबसे आम रही है। हृदय की समस्याओं के साथ कुछ लोगों में किडनी और लिवर पर भी वायरस के दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं। लॉन्ग कोविड की स्थिति में भी लोगों में हृदय से संबंधित कई तरह के लक्षण बने हुए देखे जा रहे हैं।
बाल झड़ने की दिक्कत
कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ लोगों में बाल झड़ने के लक्षण भी देखे गए हैं। एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया के कारण लोगों में बालों से संबंधित लक्षण देखने को मिल सकते हैं, हालांकि इस तरह की समस्या काफी कम देखी गई है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में बाल झड़ने जैसे लक्षणों की शिकायत ज्यादा देखी गई थी।
मस्तिष्क से संबंधित लक्षण
अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि कोरोना वायरस ने फेफड़ों के साथ-साथ मस्तिष्क को भी काफी अधिक प्रभावित किया है, जिसमें लोगों में ब्रेन फॉग की समस्या सबसे अधिक देखी गई। ब्रेन फॉग के अलावा कोविड संक्रमण के दौरान एकाग्रता में कठिनाई, याददाश्त की समस्या, दैनिक जीवन के कार्य करने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी लोगों में नोटिस की गई है। यह समस्याएं लॉन कोविड की स्थिति में भी बनी रह सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
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