कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सबसे शुरुआती चुनौती के रूप में इसकी जांच को लेकर सामने आई थी। पहले इसकी जांच किट काफी महंगी पड़ती थी, लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं ने इसकी अलग-अलग सस्ती किट तैयार की। पहले की अपेक्षा अब जांच की क्षमता भी काफी बढ़ी है और कम समय में परिणाम सामने आने लगे। अब, इस्रायल की बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी से एक अच्छी खबर आई है। वहां के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कोरोना जांच किट बनाई है जो एक मिनट में रिजल्ट बता देती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह किट 90 फीसदी तक सटीक परिणाम देती है।
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इस टेस्ट किट में फूंक मारने से पता चलेगा कोरोना है या नहीं, लैब की भी जरूरत नहीं होगी
Fri, 29 May 2020 11:30 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 29 May 2020 11:30 AM IST
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कोरोना वायरस जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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कोरोना की जांच
- फोटो : PTI
सेंसर का प्रयोग
- इस किट से कोरोना की जांच के लिए नाक, गले और फूंक से सैंपल लिया जाता है।इससे पता चल जाता है कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या नहीं। बिना लक्षण के भी कोई संक्रमित है तो उसका भी पता चल जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस जांच किट में एक खास तरह के सेंसर का प्रयोग किया गया है जो इस वायरस की पहचान करता है।
कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
ऐसे काम करती है किट
- इस टेस्ट किट में जब कोई व्यक्ति अपनी सांस फूंकता है और अगर वह संक्रमित हुआ तो उसके ड्रॉपलेट्स के जरिए वायरस सेंसर तक पहुंचते हैं। इसी सेंसर से एक क्लाउड सिस्टम जुड़ा रहता है। सेंसर सिस्टम का विश्लेषण करके पता चलता है कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव।
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कोरोना की जांच
- फोटो : pti
लैब की जरूरत नहीं, खर्च सिर्फ 3800 रुपये
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस टेस्ट किट की कीमत दूसरे पीसीआर टेस्ट से कम है। एक टेस्ट किट की कीमत महज 3800 रुपये हैं। खास बात यह है कि इसके लिए लैब की भी जरूरत नहीं है। यह टेस्ट कहीं भी किया जा सकता है। यह किट खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर रैपिड टेस्टिंग की जरूरत पूरी कर सकती है।
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
लंबे इंतजार की जरूरत नहीं
- शोधकर्ता प्रो. सारुसि के मुताबिक, कोरोना वायरस के कण नैनो पार्टिकल की तरह होते हैं, जिनका आकार 100 से 140 नैनोमीटर होता है। अबतक उपलब्ध पीसीआर किट वायरस के आरएनए और डीएनए को पहचानकर रिपोर्ट देती है और ऐसा करने में घंटो लग जाते हैं। वहीं, इस टेस्ट किट में एक मिनट के अंदर रिपोर्ट पता चल जाती है।