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सेहत की बात: आदत में कर लें बस ये एक बदलाव- इससे हृदय-फेफड़ों के रोग सहित कम हो सकता है तनाव का खतरा

Thu, 22 Jun 2023 04:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 22 Jun 2023 04:37 PM IST
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हृदय फेफड़ों की समस्याएं - फोटो : iStock

हमारी सेहत कैसी होगी इसमें लाइफस्टाइल का बड़ा योगदान होता है। हम जिस प्रकार की जीवन जीते हैं, जिन आदतों का पालन करते हैं उनका सीधा असर स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यही कारण है कि अध्ययनों में सभी लोगों को अपनी लाइफस्टाइल को ठीक रखने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में जितनी भी बड़ी बीमारियों की अक्सर चर्चा होती रहती है, उनमें से ज्यादातर के लिए खराब लाइफस्टाइल एक प्रमुख कारक रहा है।



लाइफस्टाइल के खराब होने का मतलब सिर्फ सेंडेंटरी यानी निष्क्रिय जीवनशैली से ही नहीं है, हम किन गलत आदतों के शिकार हैं इसपर भी ध्यान देना आवश्यक है। धूम्रपान ऐसी ही एक बुरी आदत है जिसे अध्ययनों में कई बीमारियों का प्रमुख जोखिम कारक माना जाता रहा है।

आइए इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।

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धूम्रपान से होने वाल नुकसान - फोटो : istock

संपूर्ण शरीर के लिए हानिकारक है स्मोकिंग

अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इसके दुष्प्रभाव सिर्फ फेफड़ों तक ही सीमित नहीं हैं, इससे पूरे शरीर को भी नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान शारीरिक स्वास्थ्य के अलावा मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालता है। भारत ही नहीं दुनिया की बड़ी आबादी धूम्रपान की आदत की शिकार है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर सिर्फ इसी एक आदत से दूरी बना ली जाए तो  हृदय-फेफड़ों के रोग सहित तनाव-डिप्रेशन के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

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फेफड़े में कैंसर का जोखिम - फोटो : Pixabay

धूम्रपान से फेफड़ों के कैंसर का खतरा

शोधकर्ताओं ने बताया कि जो लोग सिगरेट पीते हैं उनमें फेफड़ों का कैंसर होने या फेफड़ों के कैंसर से मरने की आशंका, धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में 15-30 गुना अधिक हो सकती है। यहां तक कि एक दिन में एक-दो सिगरेट पीने या कभी-कभी धूम्रपान करने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

सिगरेट के धुएं में मौजूद रसायन हमारी कोशिकाओं के लिए हानिकारक है और डीएनए क्षति का भी कारण हो सकती है। कोशिका में डीएनए की क्षति कैंसर का कारण बनता है।
 

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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock

हो सकते हैं हृदय रोगों के शिकार

धूम्रपान हृदय रोग के लिए भी प्रमुख जोखिम कारक है। जब आप धूम्रपान करते हैं तो धुएं के साथ जो रसायन अंदर जाता है, वो आपके दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे आपको एथेरोस्क्लेरोसिस या धमनियों में प्लाक बिल्डअप होने की अधिक आशंका होती है।

एक अध्ययन में पाया गया कि अन्य लोगों की तुलना में क्रोनिक धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक से मौत का खतरा अधिक होता है। 

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मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : istock

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

शारीरिक स्वास्थ्य के अलावा मानसिक स्वास्थ्य पर भी धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में पता चलता है। उदाहरण के लिए, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वाले लोगों में अवसाद की आशंका दोगुनी होती है, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इसका कारण क्या है। 

प्रिस्टिना विश्वविद्यालय में किए शोध में पाया गया कि धूम्रपान करने वालों में से 14% को अवसाद था, यह आदत उन साथियों के लिए भी हानिकारक है जो धूम्रपान तो नहीं करते पर सिगरेट के धुएं के संपर्क में रहते हैं।

 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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