Sleeping Problems at Night: एक स्वस्थ शरीर के लिए सात से आठ घंटे की अच्छी नींद बहुत जरूरी है। मगर अक्सर ये देखने को मिलता है कि बहुत से लोगों की रात में सोते समय कई बार नींद खुलती है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को 'स्लीप फ्रैगमेंटेशन' कहा जाता है। ज्यादातर लोग रात में नींद खुलने को सामान्य तनाव या प्यास लगने जैसी छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत आपके शरीर के भीतर पनप रही गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकती है।
Sleeping Problem: रात में बार-बार नींद टूटना हो सकता है इन गंभीर बीमारियों का संकेत, हो जाएं सतर्क
Causes Of Interrupted Sleep: रात में बार-बार नींद टूटना एक सामान्य समस्या है, जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे थकान, तनाव आदि। मगर कई बार ये किसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
स्लीप एपनिया और श्वसन संबंधी समस्याएं
नींद टूटने का एक सबसे प्रमुख और गंभीर कारण ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया है। इसमें सोते समय सांस लेने की नली में बार-बार रुकावट आती है, जिससे ऑक्सीजन का लेवल गिर जाता है और मस्तिष्क शरीर को जगा देता है ताकि आप फिर से सांस ले सकें।
अगर आपको रात में अचानक सांस फूलने या भारी खर्राटों के साथ जागने की समस्या है, तो यह सीधा संकेत है कि आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को तत्काल जांच की जरूरत है।
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हृदय रोग और डायबिटीज का सीधा संबंध
बार-बार नींद खुलने का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। गहरी नींद न मिलने से शरीर में 'स्ट्रेस हार्मोन' कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और अनियमित दिल की धड़कन का कारण बनता है।
इसके अलावा नींद की कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती है, जिससे खून में शूगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है। अगर आपको रात में बार-बार पेशाब जाने की वजह से जागना पड़ रहा है, तो यह टाइप-2 डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।
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मानसिक स्वास्थ्य और 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम'
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद नींद को बाधित करने वाले सबसे बड़े कारक हैं। इसके अलावा कई लोग 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम' से जूझते हैं, जिसमें सोने के दौरान पैरों में अजीब सी बेचैनी या झुनझुनी महसूस होती है, जिससे नींद खुल जाती है। यह समस्या अक्सर आयरन की कमी या तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी से जुड़ी होती है।
रात में कई बार नींद टूटने की समस्या को नजरअंदाज करना आपके भविष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। समय पर बीमारी का पहचान ही आपको बड़ी बीमारियों के इलाज के खर्च और दर्द से बचा सकती है। अपनी 'स्लीप हाइजीन' सुधारें, गैजेट्स से दूर रहें और सोने का एक निश्चित समय तय करें। अगर समस्या दो सप्ताह से अधिक बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलकर 'स्लीप स्टडी' जरूर कराएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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