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ISRO Chief: 'सूर्य मिशन' लॉन्च के दिन इसरो चीफ को हुई कैंसर की जानकारी, पेट में कैंसर से पीड़ित हैं सोमनाथ

Mon, 04 Mar 2024 07:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 04 Mar 2024 07:15 PM IST
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Isro chief Somnath was diagnosed with cancer know its risk and complications
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ (फाइल) - फोटो : ANI

कैंसर वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ में कैंसर का निदान हुआ है। जिस दिन भारत का आदित्य-एल1 मिशन अंतरिक्ष में लॉन्च हुआ था, उसी दिन इसरो प्रमुख में कैंसर का पता चला। मीडिया से एक बातचीत में सोमनाथ ने पुष्टि की है कि जांच के दौरान शरीर में अनियंत्रित कोशिकाओं की वृद्धि के बारे में पता चला जिसके आधार पर कैंसर का निदान किया गया है। 



तारमक मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च की सुबह मेरी स्कैनिंग की गई, इसमें पता चला कि पेट में अनियंत्रित रूप से कैंसर कोशिकाएं बढ़ रही हैं। मिशन लॉन्च के बाद मैं चेन्नई गया, वहां दोबारा स्कैनिंग और कई और जांच की गई। रिपोर्ट्स से पता चला कि ये वंशानुगत रोग है। डॉक्टर्स ने ऑपरेशन की सलाह दी। डॉक्टर्स की टीम ने कैंसर की सर्जरी और फिर कीमोथेरेपी की।

इंटरव्यू में इसरो चीफ बताते हैं, ये मेरे और परिवार के लोगों के लिए काफी
चौंका देने वाली स्थिति थी, पर उपचार ही इसका एकमात्र तरीका था जो समय पर होना भी जरूरी था। कैंसर का इलाज संभव है, ये लाइलाज नहीं है। निश्चित ही ये मेरे और परिवार के लिए कठिन समय था। डॉक्टर्स ने इसके नियमित स्कैनिंग की सलाह दी है। फिलहाल मैं ठीक हूं।

Isro chief Somnath was diagnosed with cancer know its risk and complications
इसरो के नए प्रमुख एस सोमनाथ - फोटो : Agency (File Photo)

सूर्य मिशन लॉन्च की सुबह चला पता

गौरतलब है कि 2 सितंबर, 2023 को आदित्य एल1 मिशन सूर्य का अध्ययन करने के लिए अपनी यात्रा पर निकली थी। इसी दिन एस सोमनाथ के नियमित स्कैन में कैंसर का पता चला। कैंसर के खिलाफ अपनी लड़ाई पर प्रकाश डालते इंटरव्यू में उन्होंने बताया, मैं उस समय इलाज के बारे में अनिश्चित था पर इस प्रक्रिया से गुजर रहा था। हालांकि अस्पताल में केवल चार दिन बिताने के बाद, पांचवें दिन से बिना किसी दर्द के अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसरो चीफ को पेट में कैंसर है, वह नियमित रूप से डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। आइए इस कैंसर के बारे में जानते हैं।

Isro chief Somnath was diagnosed with cancer know its risk and complications
पेट में कैंसर होने का खतरा - फोटो : iStock

पेट का कैंसर और इसके लक्षण

पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है, इसमें पेट में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है। ये कैंसर पेट के किसी भी हिस्से में हो सकता है। यदि कैंसर केवल पेट में है तो इसके इलाज के सफल होने की अधिक संभावना होती है। अधिकांश लोगों में पेट के कैंसर का तब पता चलता है जब बीमारी बढ़ जाती है। समय पर इसका निदान हो जाए तो इसको शरीर में बढ़ने से रोकने और रोगी के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

पेट का कैंसर हमेशा शुरुआती चरण में लक्षण पैदा नहीं करता है, यही कारण है कि समय पर इसका निदान नहीं हो पाता है। रोग के बढ़ने के साथ निगलन में कठिनाई,  पेट दर्द, खाने के बाद पेट फूला हुआ महसूस होने, पेट में अक्सर जलन और अपच रहने, बिना प्रयास के वजन कम होने और शौच काला होने की दिक्कत हो सकती है।

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पेट के कैंसर के लक्षण - फोटो : Pixabay

पेट में कैंसर क्यों होता है?

अध्ययनकर्ता कहते हैं, यह स्पष्ट नहीं है कि पेट के कैंसर का कारण क्या है। पर विशेषज्ञों का मानना है कि पेट में संक्रमण होना, लंबे समय से एसिड रिफ्लक्स जैसी स्थितियां पेट के आंतरिक परत को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कोशिकाओं में क्षति हो सकती है। कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन के कारण भी कैंसर कोशिकाओं के विकास का जोखिम हो सकता है। 

लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित समस्याओं के कारण भी पेट में कैंसर होने का जोखिम रहता है। ज्यादा नमक और स्मोक्ड खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार, भोजन में फलों और सब्जियों की कमी होने से भी आपमें कैंसर विकसित होने का जोखिम हो सकता है।

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पेट में कैसर से बचाव के उपाय - फोटो : iStock

पेट के कैंसर से बचाव

डॉक्टर कहते हैं, जीवनशैली और आहार में कुछ प्रकार के बदलाव आपको पेट के कैंसर से बचाने में मददगार हो सकते हैं।

  • प्रतिदिन अपने आहार में फलों और सब्जियों को शामिल करें। विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फल और सब्जियां खाएं।
  • भोजन में नमक और स्मोक्ड खाद्य पदार्थों की मात्रा कम करें।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं तो इसे छोड़ दें। धूम्रपान से पेट और कई अन्य प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 
  • जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को पेट का कैंसर रहा है उसे जोखिमों को लेकर और भी सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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