किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ये लगातार काम करके खून से गंदगी और शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करती है। शरीर में पानी, नमक और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में भी किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ते देखे जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि शुरुआती दौर में कई बार इनके लक्षण साफ तौर पर नजर नहीं आते। यही वजह है कि लोग अक्सर बीमारी के बढ़ने के बाद ही इसकी गंभीरता को समझ पाते हैं।
जानना जरूरी: कहीं आपकी किडनी भी तो नहीं है खतरे में, शरीर के इन संकेतों को पहचानना जरूरी
किडनी की बीमारी शुरुआती दौर में अक्सर बिना लक्षणों के रह सकती है। पेशाब में झाग या बदलाव, शरीर में सूजन, थकान, भूख कम लगना और खुजली जैसे संकेत दिख रहे हैं तो सावधान हो जाएं ये किडनी की समस्याओं की ओर संकेत हो सकते हैं।
किडनी की सेहत को लेकर रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, धीरे-धीरे जब किडनी की काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है, तब शरीर में कुछ छोटे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
बार-बार थकान महसूस होना, पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव, भूख कम लगना या त्वचा में खुजली जैसे लक्षण कुछ मामलों में चेतावनी का संकेत हो सकते हैं। अच्छी बात ये है कि समय पर जांच और सही इलाज से किडनी की गंभीर समस्याओं को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
ऐसे में शरीर के किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं, आइए जानते हैं।
बिना लक्षणों के भी हो सकती है बीमारी
किडनी की बीमारी की सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए केवल शरीर के संकेतों के आधार पर नहीं जाना जा सकता कि किडनी ठीक है या नहीं?
- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या परिवार में किडनी फेलियर की हिस्ट्री रही हो तो नियमित रूप से जांच ज्यादा जरूरी हो जाता है।
- खून की जांच से किडनी की फिल्टर करने की क्षमता और पेशाब की जांच से प्रोटीन जैसे संकेतों का पता लगाया जा सकता है।
पेशाब में बदलावों को न करें नजरअंदाज
किडनी की समस्या बढ़ने पर पेशाब की मात्रा या बार-बार पेशाब जाने के तरीके में बदलाव हो सकता है। पेशाब में लगातार ज्यादा झाग दिखता है तो अलर्ट हो जाना चाहिए, क्योंकि कई बार यह पेशाब में प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है।
- किडनी की कुछ बीमारियों में पेशाब का रंग गुलाबी या कोला जैसा भी दिख सकता है, जो पेशाब में खून आने का संकेत हो सकता है।
- हालांकि पेशाब में बदलाव के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसकी जांच जरूरी है।
किडनी की समस्याओं क इन संकेतों को भी जानिए
जब किडनी शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में तरल जमा होने लगता है। इसका असर पैरों-टखनों और कभी-कभी हाथों या चेहरे पर सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है। सूजन लगातार हो रही हो या उसके साथ पेशाब में बदलाव भी दिखाई दे रहा है तो इन लक्षणों को लेकर अलर्ट हो जाना चाहिए।
- किडनी की बीमारी बढ़ने पर आपको लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगने और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- अगर ऐसे बदलाव लगातार बने रहें और साथ में पेशाब या सूजन की समस्या भी हो, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
- डायबिटीज-हाई बीपी वाले मरीजों के लिए किडनी की जांच कराते रहना और भी जरूरी हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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